अवधअसम एक्सप्रेस में इलाज न मिलने से मासूम की मौत

2019-05-28T09:54:08+05:30

दंपत्ति दिल्ली से बिहार जा रहे थे और रामपुर में बच्चे की हालत बिगड़ गई। एक घंटे तड़पता रहा मासूम बच्चा पर नहीं मिला इलाज

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BAREILLY: अवध-असम एक्सप्रेस से बिहार जा रहे दंपत्ति के मासूम बेटे की रामपुर स्टेशन से निकलते ही तबियत खराब हो गई। बच्चे की हालत बिगड़ने पर कोच में सवार अन्य पैसेंजर्स ने टीटीई को सूचना दी। टीटीई ने फौरन जीआरपी और और आरपीएफ को मामले की जानकारी दी, जिस पर डॉक्टर्स की टीम के साथ वह जंक्शन पहुंच गए। डॉक्टरों ने बच्चे का चेकअप किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। समय पर इलाज न मिलने की वजह से मासूम की मौत हो चुकी थी।

1:20 बजे जंक्शन पहुंची थी ट्रेन
बिहार के खगडि़या निवासी अमित शाह अपनी पत्नी पूजा और सात माह मासूम हिमांशू के साथ दिल्ली से बिहार जा रहे थे। वह अवध-असम एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-4 से सफर कर रहे थे। जैसे ही ट्रेन रामपुर पहुंची तभी उनके सात वर्षीय मासूम बेटे की हालत बिगड़ने लगी। कोच में बैठे पैसेंजर्स ने रेलवे को सूचना दी, लेकिन ट्रेन तब तक ट्रेन रामपुर स्टेशन क्रॉस कर चुकी थी। टीटीई ने बच्चे की हालत बिगड़ने की सूचना आरपीएफ को दे दी।
एक घंटे तड़पता रहा मासूम
मासूम करीब एक घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन उसको इलाज नहीं मिला। ट्रेन जब बरेली जंक्शन पहुंची तो जीआरपी और आरपीएफ डॉक्टर्स की टीम के साथ कोच में पहुंचे। डॉक्टर्स ने बच्चे का देखा, लेकिन तब तक बच्चे की सांसें थम चुकी थी। डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत पर उसके मां-बाप बदहवास हो गए। इसके बाद जीआरपी ने मासूम के परिजनों को कोच से उतार लिया। बच्चे को जंक्शन के पास एक शमशान भूमि में दफना दिया और दंपत्ति को बिहार की ओर जाने वाली ट्रेन में बिठाकर रवाना कर दिया।
शादी के छह साल बाद हुआ था बेटा
अमित शाह ने बताया कि उसकी शादी सात वर्ष पहले हुई थी, लेकिन उसके कोई बच्चा नहीं था। उसने काफी इलाज कराया तो उसके बेटा हुआ। जो सात माह का था। वह दोनों बेटे को लेकर दिल्ली जॉब करने के लिए चले गए, लेकिन बेटे को वहां पर पीलिया हो गया। वहां पर इलाज करा रहे थे। हालत में सुधार होने के बाद वह बिहार वापस जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही कलेजे के टुकड़े ने दम तोड़ दिया।
चाइल्ड लाइन टीम भी पहुंची
जीआरपी के पास दोपहर को मैसेज पहुंचा कि अवध असम ट्रेन के कोच संख्या एस-4 में कोई मासूम है। इस पर जीआरपी ने चाइल्ड लाइन की टीम को भी अलर्ट कर दिया गया, लेकिन मौके पर जाकर पता चला कि मासूम की मौत हो चुकी है।
अवध असम एक्सप्रेस में एक मासूम की हालत खराब होने की सूचना मिलने पर डॉक्टर्स मौके पर पहुंचे थे, लेकिन बच्चे की मौत हो चुकी थी। इसके बाद दंपत्ति को समझाकर मासूम का अंतिम संस्कार करा दिया। दंपत्ति गरीब थी इसीलिए उनके जाने के लिए भी इंतजाम करा दिया।
सत्यवीर सिंह, स्टेशन मैनेजर



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