चीन ने अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री पर तुरंत लगाने और द्वीप से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का आग्रह किया है। बता दें कि अमेरिका ताइवान को 2.2 बिलियन डॉलर का हथियार बेचने जा रहा है।


बीजिंग (आईएएनएस)। अमेरिका अपने सहयोगी देश ताइवान को 2.2 बिलियन डॉलर का हथियार बेचने जा रहा है। इसपर चीन ने आपत्ति दर्ज की है। उसने मंगलवार को अमेरिका से आग्रह है कि वह तुरंत हथियारों की बिक्री पर रोक लगाए और साथ ही ताइवान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाए। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग अपने आधिकारिक बयान कहा, 'हमने अमेरिका से उसके वादों का सम्मान करने की बात कही है और इसके साथ हमने बेहतर संबंधों को बरकरार रखने के लिए उससे ताइवान के साथ होने जा रही हथियार की डील पर भी रोक लगाने का अनुरोध किया है।' बता दें कि सोमवार की रात पेंटागन की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को 108 एब्राम टैंक, 250 स्टिंगर मिसाइलों और संबंधित उपकरणों की बिक्री की मंजूरी मिलने के बाद गेंग की यह टिप्पणी सामने आई है।


अमेरिका और ताइवान के सुरक्षा अधिकारियों के बीच हुई बैठक, चीन ने किया कड़ा विरोधचीन की धमकियों से बचाव करने वाला यह निर्णय

इसी बीच, ताइवान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका द्वारा हथियारों की बिक्री को मंजूरी देना चीन की तरफ से आये दिन मिल रही धमकियों से बचाव करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम से पता चलता है कि अमेरिका ताइवान की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। बता दें कि चीन अक्सर ताइवान-अमेरिकी संबंधों का विरोध करता है क्योंकि वह द्वीप भाग को अपना ही हिस्सा मानता है और चाहता है कि वह फिर से ताइवान पर अपना कब्जा जमा ले। पिछले महीने भी चीन के विदेश मंत्रालय ने हथियारों की बिक्री को रोकने के लिए अमेरिका से आग्रह किया था और इसे 'अत्यंत संवेदनशील और हानिकारक' फैसला बताया था।

Posted By: Mukul Kumar