नगरायुक्त को बुखार बोर्ड बैठक फिर बेकार

2019-01-25T06:00:15+05:30

महापौर ने 30 जनवरी तक स्थगित की बोर्ड बैठक

नगरायुक्त के न आने पर बिफरे पार्षद, लगाए मुर्दाबाद के नारे

>MEERUT। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान को बुखार होने के चलते नगर निगम की बोर्ड बैठक गुरुवार को भी संपन्न नहीं हो सकी। नगरायुक्त व अपर नगरायुक्त की मौजूदगी न देखकर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे को देख महापौर सुनीता वर्मा ने 30 जनवरी तक के लिए बैठक को स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि बीते सोमवार को भी 6 माह बाद आयोजित हुई बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई थी और बैठक को स्थगित कर दिया था।

महापौर ने ली चुटकी

वहीं, महापौर सुनीता वर्मा ने चुटकी ली और कहा कि वो सीएमओ डॉ। राजकुमार को पत्र भेजकर डॉक्टर्स के पैनल से नगरायुक्त मनोज चौहान का इलाज कराएंगी।

नहीं पहुंचे अधिकारी

नगर निगम की गुरुवार को आयोजित बैठक में अधिकारी नहीं पहुंचे, सिर्फ महापौर सुनीता वर्मा ही सदन में पहुंची। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारी गजेंद्र सिंह ही बैठक में पहुंचे। वहीं फाइनेंस कंट्रोलर संतोष शर्मा को सचिव बनाकर भेज दिया गया। नगरायुक्त के न पहुंचने की वजह से पार्षदों ने हंगामा खड़ा कर दिया। गुस्साए पार्षदों ने नगरायुक्त मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि नगरायुक्त विकास नहीं चाहते हैं और विकास के मुद्दों पर भी बात नहीं करना चाहते हैं। जिसकी वजह से ही उन्होंने बुखार का बहाना बनाया है। नगरायुक्त पार्षदों के सवालों से घबराकर बोर्ड बैठक को हर बार टाल देते हैं।

बीच में छोड़ा राष्ट्रगान

काफी देर तक चले हंगामे के बाद महापौर सुनीता वर्मा ने बोर्ड बैठक स्थगित कर दी। इसी दौरान कुछ पार्षदों ने राष्ट्रगान शुरू कर दिया जबकि महापौर राष्ट्रगान बीच में ही छोड़ कर निकल गई।

जमकर हुई बहस

बोर्ड बैठक स्थगित होने के बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ। गजेंद्र सिंह और पार्षदों के बीच खूब बहस हुई। पार्षदों ने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी गलत तरीके से सफाई कर्मचारियों के तबादले कर रहे हैं, जिससे सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में काफी देर तक नोंक-झोक चलती रही। पार्षदों के रवैये से नाराज होकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी टाउन हॉल से बाहर चले गए।

सफाई कर्मचारियों का विरोध

2215 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने गुरूवार को भी टाऊन हॉल में जमकर हंगामा काटा। अधिकारियों के न पहुंचने पर उन्होंने नगरायुक्त कैंप कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया नगरायुक्त मुर्दाबाद के नारे लगाए। वहीं सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी भी दे डाली कि 30 जनवरी की बोर्ड बैठक में भी उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो फिर बड़ा आंदोलन होगा। कर्मचारियों ने यह भी कहा कि वह अब बॉयोमैट्रिक मशीन से हाजिरी नहीं लगाएंगे, क्योंकि इससे महिला सफाई कर्मचारियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती हैं।

inextlive from Meerut News Desk


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