48 घंटों में 4 जजों की नियुक्ति शपथ दिलाने वाले CJI भी हैरान बोले जवाब देंगे कानून मंत्री

2018-11-03T09:48:08+05:30

सुप्रीम कोर्ट में 48 घंटों में 4 जजों की नियुक्ति का मामला काफी चर्चा में है। खास बात तो यह है इन जजों को शपथ दिलाने वाले सीजेआई भी नियुक्ति पर हैरान है। उनका कहना है कि इसका जवाब देने के लिए कानून मंत्री हैं। आइए जानें कैसे और किन जजों की नियुक्ति

नई दिल्ली (पीटीआई)। सुप्रीम कोर्ट में चार जजों जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस आर, सुभाष रेड्डी, जस्टिस एमआर शाह तथा जस्टिस अजय रस्तोगी को कल सीजेआई रंजन गोगोई ने शपथ दिलाई। सीजेआई की अध्यक्षता में जजों के कॉलेजियम ने 30 अक्टूबर को चार जजाें की नियुक्ति के लिए मंजूरी दे दी थी। इसके बाद इस सिफारिश को केंद्र सरकार को भेजा गया था। ऐसे में अब 48 घंटे के भीतर सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति का मामला काफी चर्चा में है।
केंद्र की मंजूरी लेकर इतिहास रचा
वहीं सीजेआई रंजन गोगोई से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों ने कल सवाल पूछे तो उन्होंने अनौपचारिक रूप से जवाब दिया। एक पत्रकार ने गोगोई से पूछा कि आप सीजेआई बनने वाले पूर्वोत्तर क्षेत्र के पहले श्ख्स हैं और 48 घंटे के भीतर जजों के नाम पर केंद्र सरकार की मंजूरी लेकर इतिहास रच दिया। इस पर सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि वह इसका कोई जवाब नहीं देंगे। इसके लिए कानून मंत्री हैं और वही इसका बेहतर जवाब दे सकते हैं।
मुझे भी यकीन नहीं हो रहा था
सीजेआई ने कहा कि सिफारिश के 48 घंटे के भीतर सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति का ये पहला मामला है। उन्होंने बताया कि बुधवार को 11 बजे मैंने सिफारिश भेजी और उसी दिन शाम को सूचना मिली कि मेडिकल (जजों की तरक्की के लिए होने वाला टेस्ट) हो चुका है। यह सुनकर मैं भी उतना ही हैरान था जितना आप हो रहे हैं। मुझे भी इस पर यकीन नहीं हो रहा था। सीजेआई ने कल गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में आंतरिक थिंक-टैंक ‘सेंटर फॉर रिसर्च एंड प्लानिंग’ का उद्घाटन किया।
शुरुआत हिंदी भाषा में कर सकते
वहीं उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि अक्सर वादियों-प्रतिवादियों को अंग्रेजी समझने में दिक्कत होती है। ऐसे में इस पहल के बाद सुप्रीम कोर्ट उन्हें अपने फैसलों की प्रतियां उनकी मातृभाषा में मुहैया करा सकता है। इसकी शुरुआत हिंदी भाषा में कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग संख्याबल वाली पीठों द्वारा मामलों के निपटारों को लेकर कहा कि सोमवार और शुक्रवार को अदालत कई तरह के मामलों पर सुनवाई करती है। तीन जजों की कई पीठों की जरूरत नहीं है।

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