कैंट बोर्ड के मुकाबले निगम की डेढ़ गुनी कमाई

2019-01-19T06:00:21+05:30

10 जनवरी से शुरू किया गया पशु पकड़ने का अभियान

कैंट बोर्ड ने 60 तो नगर निगम ने 90 हजार रुपये जुर्माने से वसूले

अस्थाई आश्रम स्थल में पकड़कर लाए जा रहे निराश्रित पशु

MEERUT। सीएम योगी के आदेश के बाद शहर में निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम और कैंट बोर्ड की ओर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अलग- अलग इलाकों में अस्थाई आश्रम केंद्र बनाकर पशुओं को रखा जा रहा है। हालांकि, अब पशु मालिक अपने पशुओं को इन आश्रय केंद्रों से छुड़वाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं। हालात यह है कि रोजाना जुर्माना वसूलकर पशुओं को उनके मालिकों के हवाले किया जा रहा है। बीते आठ दिनों के आंकड़ों को देखें तो जुर्माने में ही निगम ने कैंट बोर्ड के मुकाबले डेढ़ गुनी कमाई की है।

चल रहा सख्त अभियान

शहर की सड़कों पर घूम से निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए जोर शोर से अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत इन पशुओं को अस्थाई आश्रय केंद्रों में भेजा जा रहा है। बीती 10 जनवरी से शहर में निराश्रित पशुओं को पकड़ने का अभियान चल रहा है।

ये है स्थिति कैंट निगम

पकड़ी गाय 35 147

गोशाला 2 3

जुर्माना 60 हजार 90 हजार

वर्जन

रोजाना टीम शहर में घूमकर कई पशुओं को पकड़ रही है। वहीं, जुर्माना वसूलने के बाद मालिक को पशु सौंप दिया जाता है।

अमित कुमार, अपर नगरायुक्त

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद से ही एक टीम गठित कर दी गई थी, वह टीम रोजाना निराश्रित पशुओं को पकड़ रही है।

अनुज सिंह, सीईई कैंट बोर्ड

सड़कों न घूमे बेसहारा गोवंश

शुक्रवार को कमिश्नर सभागार में मंडलीय विकास कायरें की समीक्षा बैठक में कमिश्नर ने स्पष्ट कर दिया कि कोई भी बेसहारा गोवंश सड़क पर न घूमे और न ही किसानों की फसल को नष्ट कर पाए।

inextlive from Meerut News Desk


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