मेरठ के चर्चित रेड लाइट एरिया का हाल लग्जरी कोठों का किराया 120 लाख रुपये तक

2019-05-16T10:57:03+05:30

कोठों पर गीजर फ्रिज एसी जैसी हर तरह की लग्जरी है। कोठों में किचिन ग्राहकों के लिए शराब का भी इंतजाम है।

MEERUT : मेरठ के चर्चित रेड लाइट एरिया कबाड़ी बाजार में एक कमरे का किराया 1.20 लाख रुपए तक है। जी हां! बुधवार को तफ्तीश के बाद निकलकर आया कि वेस्ट यूपी के इस प्रमुख रेड लाइट एरिया में कमरों का किराया 30 हजार से शुरू है। कबाड़ी बाजार में ऊपरी मंजिल पर स्थित ज्यादातर कोठों के कमरों की चौड़ाई 6-10 फीट है तो वहीं लंबाई 20 फीट तक है।


लग्जरी हैं कमरें

चर्चित कोठों में फ्रिज, एसी से लेकर सर्दियों में गरम पानी के लिए गीजर तक लगा है। बुधवार को नोटिस का जबाव न देने पर पुलिस ने सभी कोठों के ताले तोड़कर उन्हें सील कर दिया तो वहीं सीलिंग से पहले रेड लाइट एरिया के इन कोठों की चकाचौंध की उजागर हुई तो वहीं बदहाली की नजर आ रही थी। कोठों पुलिस को आपत्तिजनक सामग्री के साथ-साथ शराब की खाली बोतलें मिलीं।

 

कभी 150 रुपए था किराया

जानकारों की मानें तो कभी 150 रुपए प्रतिमाह में यहां किराए पर कोठा मिलता था। मंदी के दौर में भी यहां कोठों का किराया आसपास की रिहायश से कई गुना ज्यादा था तो वहीं यहां पर किराए के लिए बड़ी मारामारी रहती थी। दुकानों के ऊपर बने मकान पर मालिकाना हक अलग-अलग लोगों का है, वहीं एक कोठे की कीमत आज की डेट में करोड़ों रुपए है। 'पॉवर ऑफ अटार्नी' पर मालिकाना हक बदल रहे हैं।

 

खरीद-फरोख्त के लिए फेमस

जबरन देह व्यापार में धकेली जाने वाली मासूस बालिकाओं, युवतियों और महिलाओं के लिए मेरठ न सिर्फ ट्रेनिंग कैंप का काम करता था बल्कि यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग के लिए फेमस था। तस्करी कर लाई गई किशोरियों और युवतियों की यहां खरीद-फरोख्त होती है। और ट्रेनिंग के बाद इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जाता था। दिल्ली-गाजियाबाद समेत एनसीआर में संचालित अवैध कारोबार में शामिल सेक्स वर्कर का मेरठ कनेक्शन कई बार सामने आया है।


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