दिन में ही करते हैं काम चाहे लगता रहे जाम

2019-04-05T06:00:05+05:30

- सुबह 10 बजे से शाम 5 बज तक ही होते हैं शहर में हो रहे सभी निर्माण कार्य, कई जगहों पर लग जाता है जाम

GORAKHPUR: शहर में कई जगहों पर हो रहे डेवलपमेंट वर्क पब्लिक के लिए ही परेशानी का सबब बन गए हैं। कई जगहों पर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है जिसके चलते सड़क के एक हिस्से का अतिक्रमण हो गया है। सड़क पर अतिक्रमण होने के कारण सुबह शहर की ओर आने वाले लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। मोहद्दीपुर से नन्दानगर तक की रोड की बात करें तो यहां सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। जिसके तहत बाई ओर सड़क की खोदाई कर दी गई है। दाहिनी ओर पेड़ काटने का काम चल रहा है, बीच रास्ते में खड़ी जेसीबी के सहारे मजदूर काम कर रहे हैं। साथ ही पहले से कटे पेड़ों के बोटे ने आधे रास्ते पर कब्जा कर लिया है। ऐसे में आने-जाने वाले लोगों की रफ्तार खुद ही धीमी हो जा रही है। एक तो उनके लिए सड़क की चौड़ाई कम हो गई है, दूसरी ओर दुर्घटना से बचने के लिए डिवाइडर से सट कर चल रहे हैं जिससे जाम की समस्या आम हो जा रही है।

जाम, प्रदूषण रोज की परेशानी

दिन में डेवलपमेंट वर्क होने के कारण आए दिन जाम की समस्या से पब्लिक परेशान है। उड़ती धूल, गंदगी से परेशानी भी एक समस्या तो है ही। सभी काम दिन में 10 से 5 बजे तक ही होते हैं और यही वह समय होता है जब बड़ी संख्या में लोग सड़क पर ट्रैवल कर रहे होते हैं। ऐसे में पब्लिक का सवाल है कि क्या सरकारी डिपार्टमेंट रात में काम नहीं करवा सकते हैं? जाम व प्रदूषण के अलावा सड़क पर अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। लेकिन इसके प्रति विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं जिसके कारण पब्लिक को समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।

कोट्स

मैं पिछले सप्ताह दिल्ली गया हुआ था। वहां पर सड़क निर्माण का काम चल रहा था। रात में ही काम हो रहा था जबकि दिन में पब्लिक की सुविधा के लिहाज से उसे रोक दिया जाता था। यहां भी ऐसा ही होना चाहिए।

मणिनाथ गुप्ता, बिजनेसमैन

जिम्मेदारों को ध्यान रखना चाहिए कि दिन में शहर की ओर से आने वालों की संख्या काफी अधिक होती है। सड़क पर या किनारे निर्माण कार्य होने से अक्सर जाम लग जाता है। जिससे घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है।

- नवोदित त्रिपाठी, बिजनेसमैन

केस 1

नौसड़ में हाईवे पर डिवाइडर बनाने के लिए सड़क पर काम चल रहा था। डिवाइडर फिक्स करने के लिए लगाए गए सपोर्ट में उलझकर स्थानीय निवासी निवासी जगदीश चौरसिया घायल हो गए। सड़क पर गिरने से उनके सिर में गिट्टी धंस गई और तेजी से खून बहने लगा। गनीमत थी कि पास में ही क्लीनिक था जहां तत्काल उन्हें प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराई गई। डाक्टर ने चेताया यदि इलाज में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

केस 2

कुछ दिनों पहले गोरखपुर यूनिवर्सिटी सेक्लास करके घर लौट रहे अरविंद की बाइक लकड़ी के बोटे से टकरा गई। स्पीड कम होने के कारण अरविंद को गंभीर चोट तो नहीं आई पर सड़क पर गिरने से घुटने रगड़ा गए। प्राइमरी इलाज के बाद उन्हें राहत तो मिल गई पर अगले दो दिनों तक घर पर ही गुजारने पड़े।

वर्जन

जिन जगहों पर लाइट का इंतजाम है वहां रात में ही काम हो रहे हैं। केवल उन्हीं जगहों पर रात में निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं, जहां पर लाइट की व्यवस्था नहीं है।

- एसपी भारती, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी

inextlive from Gorakhpur News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.