बिजली बिल मिला नहीं अब 76 हजार कंज्यूमर्स भरेंगे जुर्माना

2018-12-03T06:00:43+05:30

- शहर व ग्रामीण एरियाज में 60 फीसदी भी नहीं हुई बिलिंग

- नई एजेंसी करा रही शहर की बिलिंग, फिर भी नतीजा सिफर

- नवंबर की प्रगति का आंकड़ा सामने आने पर अफसरों की बढ़ी चिंता

GORAKHPUR: बिजली अधिकारी एक तरफ राजस्व वसूली के दबाव में रोजाना सैकड़ों कनेक्शन काट रहे है। वहीं, दूसरी तरफ हजारों उपभोक्ता बिजली बिल के लिए रोजाना एक्सईएन और एसडीओ दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं। उपभोक्ताओं को एक साथ हजारों रुपये बकाया का बिल मिलने की चिंता सता रही है.

शहर की बिजली बिलिंग का कार्य नई एजेंसी को देने के बाद भी व्यवस्था लड़खड़ा गई हैं। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शहर के 76 हजार कंज्यूमर्स को बिजली का बिल नहीं मिला है। कभी दो महीने पर बिल जोड़कर मिल रहा है तो कभी तीन महीने का एक साथ। वहीं, विभाग की गलती का खामियाजा भी उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें सरचार्ज के रूप में जुर्माना भी देना पड़ रहा है.

बेंगलुरु की कंपनी को मिला है काम

शहर में दो लाख 22 हजार कंज्यूमर्स हैं। इनमें से एक लाख 78 हजार बिलेबल कंज्यूमर्स हैं। जिनकी बिलिंग की जिम्मेदारी बेंगलुरु की बीसीआईटीएस एजेंसी को दी गई है। नई एजेंसी अगस्त से मीटर रीडिंग और बिलिंग का कार्य कर रही है। नई एजेंसी ने नवंबर में सिर्फ एक लाख 9 हजार कंज्यमर्स को ही बिल दिया है। जबकि, 76 हजार कंज्यूमर्स अभी भी बिल के इंतजार में है.

राजस्व वसूली में हाे रही कमी

कंज्यूमर्स के बीच समय से बिजली बिल वितरण नहीं होने के कारण पावर कार्पोरेशन को लाखों रुपये के राजस्व की कमी हो रही हैं। कंज्यूमर्स के अनुसार राजस्व संग्रहण निर्धारित करती है। राजस्व निर्धारण रहने के बावजूद हर माह लाखों रुपये की वूसली नहीं हो पा रही। इसका मुख्य कारण कंज्यूमर्स को समय से बिजली बिल नहीं मिलना है.

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नवंबर की बिलिंग प्रगति

शहर में कुल कंज्यूमर्स की संख्या- - 2,22,304

बिलेबल कंज्यूमर्स की संख्या- - 1,78,158

डाउनलोड किए गए कंज्यूमर्स की संख्या- - 1,71,795

रीडिंग आधारित निर्गत बिल - - 1,02,444

निर्धारण आधारित बिल की संख्या- - 6,393

कुल जारी बिल की संख्या- - 1,08837

कंज्यूमर्स को नहीं जारी किए गए बिल की संख्या- - 75,714

भुगतान प्राप्त कंज्यूमर्स की संख्या- - 67,523

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कॉलिंग

समय से बिजली बिल न मिलने से बिजली निगम के दफ्तार का चक्कर लगाना पड़ता है। नया बिल बनवाने के लिए कभी कर्मचारी नहीं तो कभी अफसर गायब रहते हैं। एजेंसी भी समय से बिल नहीं भेजती है.

संदीप कुमार शर्मा, प्रोफेशनल

पिछले महीने तो समय से बिल मिल गया था, लेकिन नवंबर माह में बिल ही नहीं आया। बिल नहीं मिलने से कंज्यूमर्स पर अतिरिक्त आर्थिक लोड बढ़ता है। नया बिल निकलवाने और ठीक कराने में काफी दिक्कत होती है।

कुंदन सिंह, प्रोफेशनल

नई एजेंसी भी बिलिंग नहीं कर पा रही है। कभी बिल मिलता है तो कभी लेटलतीफ के चलते बिजली ऑफिस का दौड़भाग करना पड़ता है। यदि समय से बिल नहीं जमा होता है तो कनेक्शन काटने के लिए लाइनमैन पहुंच जाता है। मगर बिजली निगम अपना दोष नहीं देती है.

अखिलेश श्रीवास्तव, प्रोफेशनल

वर्जन

शहर की बिलिंग की जिम्मेदारी नई एजेंसी को दी गई हैं। अगर कंज्यूमर्स को बिल समय से मुहैया नहीं करा पा रही है तो यह गलत है। इस संबंध में पावर कार्पोरेशन के आला अफसरों से बात की जाएगी। धीरे- धीरे सभी ठीक हो जाएगा। आनेवाले दिनों में सभी कंज्यूमर्स को सही समय से बिजली बिल मिल जाएगी.

एके सिंह, अधीक्षण अभियंता, शहर

inextlive from Gorakhpur News Desk


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