अब एग्जाम के बाद सुनी जाएगी फरमाइश

2013-02-21T23:50:10+05:30

Meerut स्विफ्ट कार से एक परिवार ‘आपका बाजार’ में गोल गप्पे खाने पहुंचा दादा जी ने पोती से कहा कि ‘जो खाना है अभी खा ले अब पेपरों के बाद ही यहां लाऊंगा उससे पहले यहां आने का नाम तक लियो’ एग्जाम करीब आते ही ऐसा ही माहौल घरो में हो चला है बच्चों की फरमाइश पूरी करते वक्त पैरेंट्स बोर्ड एग्जाम की गंभीरता को बच्चों को बता रहे हैं

एग्जाम के लिए सिर्फ एक सप्ताह

बोर्ड एग्जाम्स शुरू होने के सिर्फ एक हफ्ता बचा है। पहला पेपर एक मार्च से है। पेरेंट्स ने लगभग बच्चों का घर से निकलने पर रोक लगा दी है। जो बाहर घूमने की परमीशन के लिए अर्जी लगा भी रहे हैं उनमें कुछ एक को लास्ट अर्जी की शर्त पर ही निकलने को मिल रहा है। ज्यादातर को जवाब मिल रहा है सॉरी, एग्जाम के बाद।
यहां भी यही हाल
आबू लेन की मशहूर चाट की दुकान पर एक समय बच्चों की भीड़ लगी थी। ऐसा नहीं है अब यहां पर भीड़ कम हुई है। लेकिन भीड़ के बीच जो बच्चे हुआ करते थे, वो अब दिखाई नहीं दे रहे। कुछ ऐसा ही हाल शहर के अधिकतर चिलिंग प्वाइंट्स का है। बोर्ड क्लासेज के बच्चे यहां पर दिखने बंद हो गए हैं।
निकलना बंद
शास्त्री नगर बी ब्लॉक में रहने वाली रेनू अग्रवाल का बेटा रितेश अग्रवाल अपने पहले बोर्ड एग्जाम देने जा रहा है। जाहिर है कि घर में बोर्ड एग्जाम को लेकर हल्ला मचा हुआ है। सुबह शाम रितेश को समझाया जा रहा है कि अपना ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर दो। एग्जाम में अच्छे नंबर लाने हैं। इसके लिए अब रितेश का घूमना फिरना, दोस्तों के साथ खेलना सब पर बैन लग गया है।
बाद में खेलना
कुछ ऐसा ही हाल शारदा रोड पर रहने वाले सुरेंद्र कंसल का है। इंटर में पढऩे वाले सुरेंद्र का तो कमरे से निकलना बंद हो गया है। कमरे में ही खाना, पीना, सोना, पढऩा बस यही रह गया है सुरेंद्र का रुटीन। हद से हद वो दिन में एक या दो बार कमरे से निकल कर आधा घंटा टीवी देखना या छत पर घूम पाता है। सुरेंद्र का भी घर से निकलना बंद है। सुरेंद्र के पापा विनय कंसल का कहना है कि एक बार एग्जाम खत्म हो जाएं तो फिर जी भर कर खेलना।
बोर्ड ने भी पेपर से कुछ दिन पहले कैसे तैयारी करें। इसके लिए टिप्स दिए हैं.
क्या करें
- रिवीजन करने के लिए टाइम टेबल तैयार करें।
- किताब को पूरा पढऩे की बजाए समरी नोट्स, हेडिंग, सब हेडिंग, हाईलाइट्स को ही पढ़ें।
- तय करें कि आपको रिवीजन का कौन सा तरीका पसंद है। अकेले पढऩा या दोस्तों के साथ पढऩा, सुबह पढऩा या रात को पढऩा, शॉर्ट रिवीजन या लांग रिवीजन।
- रिवीजन करते समय नोट्स को जरूर साथ रखें।
- अगर स्ट्रेस लगे तो किसी से बात करके परेशानी दूर करें।
ये ना करें
- नए नोट्स या स्टडी मैटिरियल कलेक्ट ना करें। लास्ट टाइम तक नोट्स को रिवाइज ना करें।
- लगातार घंटों तक पढऩा, बिना आराम किए। नहाना, खाना और आराम करना बंद ना करें। इससे थकान बढ़ती है। कंसंट्रेशन कम होता है। रात भर ना जगे।
- कॉफी, चाय या सिगरेट्स का यूज ना करें। कॉफी या चाय को एक लिमिट तक ही यूज कर सकते हैं।
- याद ना होने पर पढऩा ना छोड़ें।
- क्वेश्चन पेपर लीक करने के चक्कर में ना पड़ें।
"अब पेपर्स में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। अब सारी किताब को पढऩे से बेहतर कि सिर्फ मेन प्वाइंट्स पर फोकस करें."
डॉ। पूनम देवदत्त, मनोवैज्ञानिक


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