बच्चों का रखतीं ख्याल स्विमिंग कर फिगर मेंटेन करने पर भी है ध्यान

2019-05-29T06:00:19+05:30

- बच्चों को स्कूल पिक एंड ड्राप करने वाली मम्मियों ने फिगर मेंटेन करने के लिए ज्वॉइन किया स्विमिंग कोर्स

GORAKHPUR: सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग को रुटीन का हिस्सा बना रहीं सिटी की वुमंस का अपनी हेल्थ एंड फिगर पर भी पूरा ध्यान है। खासकर स्कूल गोइंग किड्स की मॉम्स इसे लेकर कुछ ज्यादा ही संजीदा नजर आ रही हैं। गर्मी की छुट्टियों में बच्चों को समर कैंप में पिक एंड ड्रॉप कर रही मम्मियों ने खुद स्विमिंग क्लासेज ज्वॉइन करनी शुरू कर दी है। इसी का नतीजा है कि रीजनल स्टेडियम में टीनएजर्स के साथ ही वुमंस भी एक्सपर्ट से सुबह और शाम में स्विमिंग ट्रेनिंग लेती नजर आ रही हैं। इनकी बढ़ती संख्या को देखते हुए रीजनल स्टेडियम के आरएसओ ने भी सुबह और शाम के बैच की टाइमिंग बढ़ा दी है।

फिगर रखनी है मेंटेन, स्विमिंग का बढ़ा क्रेज

समर वेकेशंस में सिटी के लगभग सभी स्कूल बंद हो चुके हैं। कुछ बच्चे जहां पैरेंट्स के साथ घूमने गए हैं वहीं, कुछ ने समर कैंप ज्वॉइन कर लिए हैं। ऐसे बच्चों को डेली स्कूल ले जाने वाली उनकी मॉम्स ने भी गर्मियों में खुद की हेल्थ और फिगर को मेंटेन रखने का तरीका खोज लिया है। बच्चों को समर कैंप में छोड़ने के बाद वे स्विमिंग क्लासेज अटेंड कर रही हैं। ऐसी महिलाओं की बढ़ती तादाद के चलते रीजनल स्टेडियम में सुबह और शाम के वक्त भीड़ बढ़ती जा रही है। शाम के 3 से 6 बजे के बैच में आने वाली दो बच्चों की मॉम साइनी अग्रवाल स्विमिंग को बेस्ट एक्सरसाइज मानती हैं। वे कहती हैं कि अपने बिजी शेड्यूल के बाद भी फिगर पर खास ध्यान देती हैं। वहीं यहां स्विमिंग ट्रेनिंग दे रहे एक्सपर्ट संध्या यादव व संतोष कुमार बताते हैं कि स्विमिंग के 50 से 1500 इवेंट होते हैं लेकिन इनमें से चार बेसिक स्टाइल जो लोगों को सिखाई जा रही हैं।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एक्सपर्ट संध्या यादव बताती हैं कि स्विमिंग वर्कआउट में ब्रेस्ट स्ट्रोक, बैक स्ट्रोक, साइड स्ट्रोक, बटरफ्लाई और फ्री स्टाइल शामिल होते हैं। हर एक स्ट्रोक का फोकस अलग-अलग मसल्स ग्रुप पर होता है। हालांकि पानी में शरीर को मूव करने के लिए लगाए जाने वाले हर स्ट्रोक में ज्यादा से ज्यादा मसल्स ग्रुप शामिल रहते हैं। वजन कम करने के लिए भी स्विमिंग को अच्छा विकल्प माना जाता है। हालांकि स्विमिंग की अवधि, गति, स्विम स्ट्रोक और वजन केअनुसार कैलोरी बर्न होती है। एक घंटे की स्विमिंग से उतनी ही कैलोरी बर्न होती है जितनी दौड़ने से होती है। इसका प्रभाव जोड़ों और हड्डियों पर नहीं पड़ता है।

स्विमिंग के फायदे

- स्विमिंग से हार्ट रेट बढ़ता है और वो भी शरीर पर बिना किसी तरह का दबाव डाले।

- स्ट्रेंथ बढ़ाने, पूरे शरीर के मसल्स टोन करने के अलावा कार्डियोवेस्कुलर के लिए भी यह अच्छी एक्सरसाइज है।

- स्विमिंग से दिल और फेफड़े भी मजबूत होते हैं।

- स्विमिंग ब्लड प्रेशर कम करने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मददगार होती है।

- गठिया, चोट लगने, किसी तरह की डिसेबिलिटी होने पर भी स्विमिंग फायदेमंद होती है।

- स्विमिंग से जल्दी रिकवरी होती है और दर्द भी कम होता है।

- गठिया के रोगियों में स्विमिंग से जोड़ों का दर्द कम होने के साथ ही अकड़न भी कम होती है।

बेसिक स्विमिंग स्टाइल

1- बटर फ्लाई

2- ब्रेस्ट स्ट्रोक

3- बैक स्ट्रोक

4- फ्री स्टाइल

रीजनल स्टेडियम में चल रहे स्विमिंग बैच

- सुबह 6 से 9 बजे तक

- शाम 3 से 6 बजे तक

रजिस्ट्रेशन प्रॉसेज

18 साल तक उम्र वालों के लिए - 210 रुपए (प्रति माह)

18 साल से उपर उम्र वालों के लिए - 510 रुपए (प्रति माह)

वर्जन

पहले के मुकाबले टीनएजर और लेडीज में स्विमिंग का क्रेज बढ़ा है। इसको देखते हुए दो बैच चलाए जा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन ओपन है।

- अरुणेंद्र पांडेय, आरएसओ

inextlive from Gorakhpur News Desk


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