फिर खंगाली जा रही स्लीपर सेल्स की कुंडली

2018-09-12T12:02:16+05:30

- शहर में अचानक धनाढ्य हुए लोगों का ब्योरा जुटा रहीं खुफिया एजेंसियां

- आईएसआई के स्लीपर मॉड्यूल्स की फिर से शुरू हुई छानबीन

- लापता पाकिस्तानी नागरिकों की भी एजेंसियां एक बार फिर करेंगी तस्दीक

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र और प्रदेश के संवेदनशील जिलों में गिने जाने वाले वाराणसी में खुफिया तंत्र ने आईएसआई के स्लीपर मॉड्यूल्स की छानबीन फिर से शुरू कर दी है। शहर में अचानक अमीर हुए लोगों के अलावा लापता पाकिस्तानी नागरिकों की समीक्षा भी एक बार फिर से की जाएगी। कमिश्नर ने जल्द इस सिलसिले में पुलिस अधिकारियों समेत सभी खुफिया एजेंसियों की बैठक बुलाई है।

लापता हैं 17 पाकिस्तानी नागरिक

खुफिया सूत्रों की मानें तो शहर में 17 पाकिस्तानी नागरिक लापता हैं। यह वह लोग हैं जो वाराणसी आए मगर इसके बाद उनका कोई पता नहीं है। हालांकि एक दशक से लापता इन लोगों के बारे में मान लिया गया कि यह स्वदेश लौट चुके हैं। मगर एहतियातन एजेंसियां इनके बारे में एक बार फिर तस्दीक करेंगी। इसी तरह पूर्व में चिह्नित 7 स्लीपर मॉड्यूल्स के बारे में भी फिर से छानबीन की जाएगी.

चुनावी साल में तेज होगी निगरानी

2019 में लोकसभा चुनाव को देखते हुए सुरक्षा और खुफिया तंत्र ने भी होमवर्क शुरू कर दिया है। चुनावी रैलियों और आयोजनों में वीआईपी मूवमेंट बढ़ेगा। इसके साथ ही प्रवासी भारतीय सम्मेलन में विदेशों से हजारों मेहमान भी वाराणसी आने वाले हैं। देश विरोधी तत्व इस दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न करें, इसके लिए एजेंसियां काफी सतर्कता बरत रही हैं। रुटीन निगरानी के साथ ही इस साल एजेंसियां इलेक्ट्रानिक और मैनुअल माध्यम से हर हरकत पर नजर रख रही हैं.

कश्मीर से आने वाले पर नजर

बरसात के मौसम में कश्मीर से शरणार्थियों का एक बड़ा जत्था हर साल वाराणसी आता है। इनका तर्क होता है कि बारिश से हुई तबाही और उसके बाद ठंड के मौसम की वजह से वह देश में अलग- अलग जगहों पर चले जाते हैं। मौसम ठीक होने पर वह अपने घर वापस लौटते हैं। शहर में एजेंसियां ऐसे लोगों पर कड़ी निगरानी रखेंगी। इसके अलावा कश्मीर से अकेले आने वाले युवाओं को भी जांच के दायरे में रखा जाएगा.

साइबर कैफे को भी करेंगे जागरूक

पुलिस और खुफिया एजेंसियों को होमवर्क के साथ ही अपने मददगार भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस क्रम में वह शहर में संचालित साइबर कैफे, पीसीओ और ट्रैवेल एजेंट्स को भी जागरूक करेंगी कि नियमित आने वाले किसी भी ग्राहक के बारे में वह जानकारी रखें और बिना आईडी जमा कराए उसे इंटरनेट एक्सेस या मेल करने की अनुमति न दें। संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल सूचना भी दें.

रडार पर रहेंगे यह

- अचानक से अमीर हुए लोगों की छानबीन

- धार्मिक संस्थान जिन्हें संदिग्ध गतिविधि वाले लोगों से मदद मिली हो

- पाकिस्तान या दूसरे संवेदनशील देशों की यात्रा करने वाले

- अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक

- गुमशुदा पाकिस्तानी नागरिक

- कश्मीर से आने वाले शरणार्थी

inextlive from Varanasi News Desk


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