कम्पनी की कमान कुख्यात के हाथ!

2018-10-24T06:01:07+05:30

संपत्ति की तलाश में बजरंगी फैमिली ले रही पचास हजार के इनामिया की मदद

-सप्ताह भर पूर्व शहर में हुई थी पंचायत, इनामी को सौंपी गई संपत्ति तलाशने की जिम्मेदारी

-सिक्योरिटी एजेंसीज भी पल-पल ले रही है इंफारमेशन

varanasi

माफिया मुन्ना बजरंगी ने अपनी मौत के पहले तक अरबों रुपये की सम्पत्ति जमा की थी। जेल में रहते हुए करोड़ों रुपये रियल इस्टेट सहित विभिन्न ठेकों में लगया था। इसके अलावा भी बड़ी रकम अलग-अलग बिजनेस में लगी थी। बागपत जेल में कुख्यात सुनील राठी ने गोली मारकर मुन्ना की हत्या कर दी थी। इसके बाद ही उसके तमाम बिजनेस पार्टनर भूमिगत हो गए। किसी ने प्रदेश छोड़ दिया है तो कोई भारी भरकम रकम गड़प कर देश छोड़ दिया है। अब उसी सम्पत्ति को निकालने के लिए बजरंगी फैमिली फास्ट हो गई है। पुलिस को जानकारी मिली है कि

सप्ताहभर पूर्व फैमिली ने सिटी में एक सफेदपोश के घर बैठक की थी। पंचायत में संपत्ति की खोज का जिम्मा सालों से फरार चल रहे पचास हजार इनामिया को सौंपी गई है। हालांकि बेहद गोपनीय तरीके से हुई इस पंचायत की भनक सिक्योरिटी एजेंसीज को लगी है।

माननीय के शरण में है इनामियां

मुन्ना की सम्पत्ति तलाशने का जिम्मा संभालने वाले कुख्यात की तलाश में बनारस की पुलिस सालों से लगी हुई है। इसके बावजूद वह पांच दिनों तक शहर के एक माननीय की शरण में रहा। सूत्रों की माने तो पांच दिनों में दो दिन मुन्ना बजरंगी के करीबियों ने उससे मुलाकात की। बंद फ्लैट में हुई मुलाकात के बाद करोड़ों की सम्पत्ति का ब्योरा इनामिया को सौंपा गया है। मौजूदा समय में इनामिया ने शहर छोड़ दिया है, लेकिन आने वाले दिनों में उसकी दस्तक फिर से सुनाई देने वाली है।

संभालेगा कंपनी की कमान

मुन्ना की मौत के बाद टूटने के कगार पर पहुंच रही उसकी कंपनी को फिर से तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। जरायम जगत से जुड़े अधिकतर लोगों ने फैमिली से दूरी बना ली है तो कुछ ऐसे भी बजरंगी के भरोसेमंद है जो अभी भी फैमिली के एक इशारे पर दिन-रात खड़े होने के लिए तैयार है। सूत्र यहां तक बताते हैं कि मजबूती के लिए इनामिया को साथ जोड़ा जा रहा है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि आने वाले दिनों में बजरंगी के कम्पनी की कमान 50 हजार इनामियां को ही सौंपी जाएगी।

चुनाव में आजमाएगी हाथ

पूर्वाचल समेत यूपी, बिहार-झारखंड, दिल्ली से लेकर हरियाणा, मुंबई तक साम्राज्य फैलाए डान मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद यहां का हिसाब नहीं मिल रहा। फैमिली इसलिए भी फास्ट है कि लोकसभा चुनाव नजदीक है। पिछले दो चुनावों में जौनपुर से मुन्ना की पत्‍‌नी सीमा सिंह किस्मत आजमा चुकी है। चर्चा इस बार भी चुनाव लड़ने की हो रही है। उसके लिए रणनीति भी जोर-शोर से बन रही है।

inextlive from Varanasi News Desk


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