वाराणसी दो रुपये के लिए साइबर संचालक की हुई थी हत्या

2019-03-26T11:04:32+05:30

- चेतगंज पुलिस ने पांच महीने बाद हत्या का खोला राज

- फोटो स्टेट का पैसा मांगने पर हुआ था विवाद

- पुलिस ने दो हत्यारों को पिस्टल- कारतूस के साथ दबोचा

VARANASI : चेतगंज पुलिस ने अपने क्षेत्र में हुई एक हत्या की बड़ी मिस्ट्री का पांच महीने बाद सोमवार को पर्दाफाश। थाना क्षेत्र के जगतगंज इलाके में पिछले साल 25 अक्टूबर को साइबर संचालक सतीश राय की हत्या महज दो रुपये के लिए की गई थी। सतीश द्वारा फोटो स्टेट का पैसा मांगने पर बदमाशों ने साइलेंसर युक्त पिस्टल से गोली मार हत्या कर दी थी। 21 अक्टूबर को दुकान की रेकी की गई और 25 अक्टूबर की देर शाम वारदात को अंजाम दिया गया था। सोमवार को पुलिस लाइन में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने इस घटना में शामिल दोनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। साथ ही इन्हें गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये पुरस्कार देने की भी घोषणा की.

पहले रेकी, बाद में मारी गोली

एसएसपी ने बताया कि छोटी पियरी निवासी बदमाश लालू यादव उर्फ कृष्णचंद्र आधार कार्ड की फोटो कापी कराने साइबर कैफे संचालक सतीश राय की दुकान कमला पुस्तक भंडार पर पहुंचा था। फोटो कापी हुई तो स्पष्ट नहीं था, इससे नाराज हुआ लालू बिना पैसा दिए ही दुकान से जाने लगा तो सतीश राय ने टोका जिस पर लालू ने कहा कि कापी साफ नहीं आई है इसलिए पैसा नहीं दूंगा। इस पर दोनों के बीच में गाली- गलौज हुई। तब लालू ने जान से मारने की धमकी दी थी। अपने साथ हुई इस घटना से नाराज लालू ने सतीश राय को ठिकाने लगाने के लिए अपने साथी बड़ी पियरी निवासी महावीर अग्रहरि से संपर्क साधा। दोनों 21 अक्टूबर को दुकान की रेकी किए और 25 अक्टूबर की देर शाम दुकान में बैठे सतीश की गोली मारकर हत्या करने के बाद शहर से फरार हो गए थे। दोनों बदमाशों पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं.

संस्कृत यूनिवर्सिटी से दबोचा

एसपी क्राइम ज्ञानेंद्रनाथ ने बताया कि सोमवार की सुबह चेतगंज पुलिस को सूचना मिली थी कि साइबर संचालक हत्याकांड के आरोपी संस्कृत यूनिवर्सिटी के नवीन हॉस्टल के पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बाइक पर बैठे दो युवकों को अरेस्ट कर लिया। तलाशी में छोटी पियरी निवासी लालू यादव के कब्जे से .32 बोर का केएफ लिखा हुआ पिस्टल, दो जिंदा कारतूस व दो मोबाइल भी बरामद किए गए। जबकि बड़ी पियरी निवासी महावीर अग्रहरि ने बताया कि पुलिस के डर से सोनभद्र भागने के फिराक में था। गिरफ्तार करने वाली टीम में चेतगंज इंस्पेक्टर दिनेश प्रकाश पांडेय, एसआई अतुल कुमार प्रजापति, एसआई अर्जुन सिंह, एसआई वैद्यनाथ सिंह, घनश्याम सिंह, हरिकेश गौड़, अमित सिंह, अनूप सिंह आदि रहे.

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