दान हमारी परम्परा भी है

2016-01-16T02:10:30+05:30

- शास्त्रों में भी वर्णित है मकर संक्राति पर दान की महत्ता

- सालों से मकर संक्राति पर लोग उठाते हैं दान का पुण्य लाभ

ALLAHABAD: सनातन धर्म में दान की महत्ता को बहुत ही विस्तार से बताया गया है। यही कारण है कि आज भी लोग इन पुरानी परम्पराओं को जिंदा रखे हुए हैं। मकर संक्राति पर किए जाने वाले दान के बारे में ज्योतिषाचार्य अमित बहोरे बताते हैं कि शास्त्रों व पुराणों में वर्णित है कि मकर संक्राति पर दान करने से कई गुना फल मिलता है। मकर संक्राति पर सूर्य देव मकर राशी में प्रवेश करते हैं। मकर राशी के स्वामी शनि है। इसलिए इस दिन अनाज, कंबल, घी, नमक, सब्जी सहित अन्य वस्तुओं का दान किया जाता है।

कही भोज तो बंटी खिचड़ी

मकर संक्राति पर शहरियों ने कई स्थानों पर स्टॉल लगाकर खिचड़ी का दान किया। ओम गायत्री नगर के साकेत नगर मोहल्ले में मकर संक्राति पर सह भोज का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद वितरित किया। उधर भारतीय जनहित कल्याण समिति की ओर से सर्वधर्म सद्भाव विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें संगम स्नान को जाने वाले लोगों के साथ ही गरीबों को भी खिचड़ी का भोजन कराया गया। समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सम्मान समारोह, मुशायरा का भी आयोजन किया गया।

inextlive from Allahabad News Desk


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