मधुर संगीत से झूमते हुए बढ़ रहे पौधे

2019-02-22T06:00:28+05:30

2.9

किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है उद्यान विभाग का बगीचा

77

स्पीकर लगाए गए हैं पूरे बगीचे में

20

प्रतिशत इजाफा होता है इंस्ट्रूामेंटल मधुर संगीत से पौधों की ग्रोथ में

50

प्रतिशत ग्रोथ दिखती है प्रकाश संश्लेषण के जरिए भोजन बनाने में

06

साल पहले विभाग की ओर से बगीचे में की गई थी यह व्यवस्था

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- सुबह और शाम को वैदिक मंत्रों और देशभक्ति गीतों की धुन बजाई जाती है

- तेज धुन या डीजे की आवाज से पौधों को होता है नुकसान

prakashmani.tripathi@inext.co.in

PRAYAGRAJ: पौधे भी सबकुछ महसूस करते हैं। स्पर्श और म्यूजिक भी। भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु ने इसे बाकायदा प्रूफ किया है। अब प्रयागराज स्थित उद्यान विभाग में बाकायदा इस पर अमल किया जा रहा है। पौधाें की बेहतर ग्रोथ के लिए उन्हें इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक सुनाया जा रहा है। विभाग की ओर से पूरे परिसर में वैदिक मंत्रों की प्रतिध्वनि के साथ ही देश भक्ति और उत्साह से भरपूर गीतों की धुनों को बेहद ही मधुर आवाज में सुनाया जा रहा है।

शोध के बाद उठाया कदम

उद्यान विभाग के कुंभ मेला प्रभारी विजय किशोर सिंह ने बताया कि वनस्पति वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस ने काफी पहले यह प्रूव किया था कि पेड़ और पौधे भी हमारी तरह ही चीजों और परिस्थितियों के अनुसार रिएक्ट करते हैं। जिस प्रकार किसी भी व्यक्ति के हार्टबीट को स्क्रीन पर देखते समय उससे ग्राफ बनता है, ठीक उसी प्रकार उन्होंने पौधों की पत्तियों पर भी प्रयोग किया। पत्तियों पर प्रयोग करने से उसी प्रकार के ग्राफ तैयार हुए। उन्होंने अपने रिसर्च में बताया है कि आध्यात्मिक और उत्साह से भरपूर गानों की धुन से पौधों के ग्रोथ करने का बेहतर माहौल बनता है। रिसर्च में बताया गया है कि वैदिक मंत्रों की धुन बेहद मंद्धम गति से बजाने पर पौधों के ग्रोथ प्रतिशत में 20 परसेंट की बढ़ोत्तरी होती है।

बढ़ती है भोजन बनाने की प्रक्रिया

पौधों पर वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के बारे में जानकारी देते हुए विजय किशोर सिंह ने बताया कि वैदिक मंत्रों और देश भक्ति से ओत- प्रोत धुनों के कारण पौधों में प्रकाश संश्लेषण के जरिए भोजन बनने की प्रक्रिया में भी 50 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई है।

घर पर भी कर सकते हैं प्रयोग

विजय किशोर सिंह ने उदाहरण देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति इस प्रयोग को कर सकता है।

- घर में ही दो पौधे अलग- अलग लगाएं।

- एक पौधे को नियमित रूप से समय दें और उस पर हाथ फेरते रहें।

- दूसरे पौधे के पास न जाएं। दूर से ही उसको पानी व खाद आदि दें।

- दूसरे पौधे की ग्रोथ के मुकाबले पहले पौधे की ग्रोथ अधिक रहेगी।

वर्जन

पौधों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए हुए शोध के आधार पर भी वैदिक मंत्रों व देशभक्ति गीतों की धुनों को प्रसारित किया जा रहा है। इसका असर भी दिख रहा है।

विजय किशोर सिंह

प्रभारी, उद्यान विभाग, कुंभ मेला

inextlive from Allahabad News Desk


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