बिछिया में मचा रहा कोहराम मनहूस साबित हुआ दिन

2019-05-07T06:00:21+05:30

- शहर के तीन युवकों सहित चार की डूबने से हुई मौत

- देवरिया में हुई घटना, लाडलों की मौत से हर कोई गमजदा

GORAKHPUR: शाहपुर एरिया के जंगल तुलसीराम बिछिया मोहल्ला में रहने वाले तीन परिवारों के लिए सोमवार का दिन मनहूस साबित हुआ। देवरिया में दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने गए तीनों युवक नदी में नहाते हुए डूब गए। उनके साथ महराजगंज जिले का एक युवक भी हादसे का शिकार हुआ। दुर्घटना से मोहल्ले में दिनभर मातम पसरा रहा। घटना की सूचना पर परिजन देवरिया रवाना हो गए। शुभचितंक भी उनके घर पर पहुंचते रहे।

दोस्त के बहन की शादी में शामिल होने गए थे युवक

देवरिया जिले के भटनी, लालचक निवासी संत ज्ञानेश्वर यादव जंगल तुलसीराम बिछिया के सिंहासनपुर मोहल्ले में घर बनवाकर रहते हैं। उनकी बेटी की शादी सोमवार को तय थी। संत ज्ञानेश्वर के बेटे दीपक ने मोहल्ले में रहने वाले अपने दोस्तों अमन यादव, सास्वत त्रिपाठी और सत्यव्रत मौर्य सहित चार लोगों को बहन की शादी में पहुंचने का न्यौता दिया था। शादी में शामिल होने के लिए तीनों सोमवार की सुबह मौर्य एक्सप्रेस से भटनी पहुंचे। दोपहर में भोजन करने के बाद अपने महराजगंज जिला निवासी दोस्त अभिषेक सिंह के साथ छोटी गंडक में नहाने चले गए।

गहरे पानी में फिसला अमन, जान बचाने में डूबे दोस्त

चारों दोस्तों को नदी में गहरे पानी का कोई अंदाजा नहीं था। नहाने के दौरान अमन गहरे पानी में फिसल गया। उसके डूबने पर सत्यव्रत, सास्वत और अभिषेक बचाने की कोशिश में जुट गए। लेकिन वह गहरे पानी में समा गया। उनके साथ नदी में नहा रहे आकाश चौहान ने चारों को बचाने का प्रयास किया लेकिन आकाश भी डूबने लगा। तैरने की जानकारी होने से उसने खुद को बचा लिया लेकिन दोस्तों को नहीं निकाल सका। उसके शोर मचाने पर लोगों को जानकारी हुई। घटना से शादी वाले घर में भी लोग सदमे डूब गए।

जान बचाने की कोशिश में रह गए नाकाम

पब्लिक की मदद से पुलिस ने युवकों की पानी में तलाश शुरू कर दी। इस दौरान एक-एक करके पुलिस ने युवकों को बाहर निकाला लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के शिकार अमन दो भाइयों में छोटा था। उसके पिता उपेंद्र यादव आरपीएफ इज्जतनगर में तैनात हैं। हाईस्कूल पास अमन अपने पिता की मदद से ट्रक खरीदकर ट्रांसपोर्ट के बिजनेस में आ गया था। सास्वत के पिता का निधन वर्ष 2009 में हो गया था। दो भाइयों में बड़ा सास्वत अपनी मां संग नाना के घर रहकर पढ़ाई करता था। उसकी मां सरिता त्रिपाठी एक कॉन्वेंट स्कूल में प्रिंसिपल हैं। सत्यव्रत के पिता सऊदी अरब में रहकर कमाते हैं। इसी साल इंटर पास करने वाले सत्यव्रत की बहन बीकॉम कर रही है।

मना करने पर भी नहीं माने, जिद में चली गई जान

परिजनों ने पुलिस को बताया कि सास्वत के छोटे भाई का जनेरू मंगलवार को विन्ध्याचल में होना था। इसलिए सास्वत को परिजनों ने देवरिया जाने से रोका था ताकि वह परिवार संग विन्ध्याचल की यात्रा पर जा सके। वह अपनी जिद से रविवार की शाम दोस्तों के घर गया। वहां प्लान तैयार करके सोमवार की सुबह ट्रेन से देवरिया रवाना हो गया। अमन और सत्यव्रत ने भी रात में ही देवरिया का प्लान गढ़ा था। ना जाने क्या सोचकर परिवार के लोगों ने उनको वहां जाने से मना किया। सोमवार को बिना नाश्ता-पानी लिए परिवार के सदस्यों से जिद करके चले गए। उनके साथ हुए हादसे की सूचना पर परिजन यह सोचकर खुद को कोस रहे थे कि यदि थोड़ी सख्ती बरत देते तो बच्चों की जान बच जाती।

हालत नाजुक, मोहल्ले में पसरा मातम

नदी में दोस्तों की जान बचाने की कोशिश करने वाले दीपक की हालत नाजुक बनी हुई है। देवरिया जिला अस्पताल में भर्ती दीपक ने खुद के साथ-साथ अन्य की जान बचाने की कोशिश की थी। लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका। अलबत्ता किसी तरह से तैर करके वह पानी से निकल पाया। देवरिया में हुए हादसे में मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। सोमवार की शाम आसपास के घरों में चूल्हा नहीं जला। घटना की सूचना पर पहुंचने वाले नात-रिश्तेदार रोते-बिलखते रहे।

inextlive from Gorakhpur News Desk


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