उत्‍तराखंड मासूम बहनों के कातिल को कोर्ट ने दी सजाएमौत

2018-08-24T02:21:22+05:30

- दो मासूम बहनों की हत्या मामले में दोषी को फांसी की सजा

- दोनों में से 3 वर्षीय बालिका से साथ रेप मामले में उम्रकैद

- 15 जून 2017 का मामला, 10 माह चली सुनवाई

DEHRADUN: मासूम बहनों से दरिंदगी के मामले में पोक्सो कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी परवान सिंह को फांसी की सजा सुनाई है। पोक्सो कोर्ट ने ऋषिकेश श्यामपुर चौकी के पास दो मासूम बहनों की हत्या के मामले में फांसी और एक से दुष्कर्म के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा दी है। दोषी को बतौर जुर्माना 30 हजार रुपए पीडि़त परिवार को देने का फैसला भी सुनाया गया जबकि निर्भया फंड से परिवार को 1 लाख रुपए देने के आदेश दिए हैं.

एक नजर पूरे मामले में-

- 13 वर्ष की मासूम के साथ पहले रेप की कोशिश फिर गला घोटकर कर दी हत्या

- 3 वर्षीय उसकी बहन से दुराचार फिर हत्या

- 10 माह में हुई मामले की सुनवाई

- कोर्ट ने माना रेयर ऑफ द रेयरेस्ट मामला

- आरोपी की दाढ़ी के बाल ने खोला पूरा केस

- कोर्ट ने पीडि़त परिवार को 1 लाख रुपए निर्भया फंड से देने के दिए निर्देश

- आरोपी परवान सिंह को जुर्माने के तौर पर 30 हजार रुपए देने के आदेश

10 माह में पूरी हुई सुनवाई

विशेष न्यायाधीश पोक्सो रमा पांडे की अदालत ने 10 माह में मासूमों से दरिंदगी के इस मामले में सजा सुनाई है। उत्तराखंड में पोक्सो कोर्ट द्वारा फांसी की सजा का यह पहला मामला है। कोर्ट ने बीते 20 अगस्त को आरोपी को दोषी करार दिया था। जिस पर गुरुवार को फैसला सुनाया गया.

दाढ़ी के बाल बने पुख्ता सबूत

वारदात के बाद 13 वर्षीया मृतका के हाथ में आरोपी परवान सिंह के दाढ़ी के बाल बरामद हुए थे। ़डीएनए टेस्ट में बाल के सैंपल आरोपी से मैच हुए। सीमेन टेस्ट में इसकी पुष्टि हुई। ये सबूत ही केस का टर्निग प्वाइंट बने और पूरा मामला साफ होता चला गया। इसी आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ी और दोषी को सजा दिलाने में मदद मिली.

15 जून 2017 की वारदात

15 जून 2017 को ऋषिकेश, श्यामपुर पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर गुरुद्वारे के एक सेवादार परवान सिंह ने दिनदहाड़े नेपाली मूल की दो मासूम बहनों की गला घोंटकर हत्या कर दी थी, जिनकी उम्र 13 और 3 वर्ष थी। 3 वर्षीय बालिका के साथ परवान सिंह ने रेप किया था, फिर मार डाला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रेप की पुष्टि हुई थी। श्यामपुर पुलिस चौकी के सामने गुरुद्वारा भवन के पिछले हिस्से में एक कमरे में नेपाली मूल की महिला अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ रहती थी। वारदात के दौरान दो बहनें ही घर पर थीं और उनकी मां काम पर गई थी। महिला का पति दुराचार के एक मामले में काफी समय से सुद्धोवाला जेल में है। मासूम बहनों के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन वर्ष की छोटी बच्ची के साथ दुराचार की पुष्टि हुई थी.

14 गवाह हुए कोर्ट में पेश

जिला शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस ने हत्याकांड की जांच के बाद 52 वर्षीय परवान सिंह पुत्र छोटे सिंह को गिरफ्तार किया था। परवान सिंह ने पहले 13 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब उसने विरोध किया तो परवान ने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने तीन साल की मासूम के साथ दुष्कर्म कर उसका भी गला दबाकर हत्या कर दी। मेडिकल में तीन साल की मासूम के साथ रेप की पुष्टि हुई। अदालत में मुकदमे के दौरान अभियोजन की ओर से एफएसएल रिपोर्ट समेत विभिन्न साक्ष्यों के साथ ही 14 गवाह पेश किए गए। इसमें अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने कम से कम सजा पर जोर दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने परवान सिंह को दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद और दोनों बहनों की हत्या के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई.

inextlive from Dehradun News Desk


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