डेंगू 80 के पार व्यवस्था अब भी बीमार

2018-09-22T11:54:09+05:30

- डीडीयू हॉस्पिटल में इलाज के लिए पहुंच रहे डेंगू के मरीजों की बढ़ी मुसीबत

- अस्पताल में एलाइजा टेस्ट कीट खत्म, जांच बंद कर सैंपल भेजा जा रहा है बीएचयू

- मलेरिया विभाग ने की 80 मरीजों में डेंगू की पुष्टि, 30 से ज्यादा संदिग्ध

बनारस में डेंगू के मरीजों की संख्या 80 के पार पहुंच गई है। इसके साथ ही मलेरिया के मरीजों की संख्या भी 180 के करीब पहुंच चुकी है। इसकी पुष्टि खुद जिला मलेरिया विभाग ने की है। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था खुद बीमार पड़ी हुई है। पांडेयपुर स्थित डीडीयू हॉस्पिटल में हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां पिछले दो माह में 40 से ज्यादा डेंगू के केस पहुंचे हैं। फिर व्यवस्था भगवान भरोसे है। हैरानी की बात ये है कि यहां एलाइजा टेस्ट कीट भी खत्म हो चुकी है। इसलिए यहां जांच बंद कर मरीजों का सैंपल एसएस हॉस्पिटल बीएचयू के लिए भेजा जा रहा है।

पांडेयपुर में डेंगू का ज्यादा डंक

बीएचयू में भी बीते पांच दिनों में जांच के बाद 12 मरीजों में डेंगू की पुष्टि की गई है। जिला मलेरिया विभाग की मानें तो अब तक आई जांच रिपोर्ट में 45 मरीज ग्रामीण क्षेत्र से, जबकि 35 मरीज शहरी क्षेत्र से हैं। इनमें भी करीब 25 मरीज धौरहरा और पांडेयपुर क्षेत्र के हैं। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। वहीं अस्पतालों में इसको लेकर किए गए इंतजाम नाकाफी हैं। अधिकारियों का कहना है कि डीडीयू हॉस्पिटल में बने आईसोलेशन वार्ड में पूरी व्यवस्था न होने से उन्हें डेंगू के मरीजों को चार- चार बेड के अलग वार्ड में एडमिट किया जा रहा है।

बुखार का भी कहर

डेंगू- मलेरिया के अलावा जिले में बुखार का भी कहर जारी है। शहर के लगभग हर अस्पताल में इलाज के लिए बुखार से पीडि़त मरीजों की लाइन लगी है। डीडीयू व एसएसपीजी हॉस्पिटल के मेडिसिन और डेंगू वार्ड में तो हर दो दिन बाद मरीजों से सभी बेड फुल हो जा रहे हैं। हॉस्पिटल प्रबंधन की मानें तो यहां एडमिट हो रहे मरीजों में 75 प्रतिशत बुखार से पीडि़त मिल रहे हैं।

क्या है दिक्कत?

डीडीयू हॉस्पिटल में सबसे ज्यादा डेंगू, मलेरिया के मरीज आ रहे हैं। इसके बाद भी यहां इलाज के लिए व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बीएचयू के साथ इस हॉस्पिटल में भी डेंगू टेस्ट की सुविधा है। लेकिन विडंबना ये है कि यहां लगी तीन एलाइजा टेस्ट रीडर मशीनों में से दो मशीनें लंबे समय से खराब हैं। ये मशीनें तो बनी नहीं, ऊपर से अब टेस्ट कीट भी खत्म हो गई। बताया गया कि टेस्ट कीट पूने से आती है। इसलिए मरीजों का सैंपल बीएचयू भेजा जा रहा है।

एक नजर

45

डेंगू के कंफर्म मरीज ग्रामीण क्षेत्र में

35

डेंगू के कंफर्म मरीज शहरी क्षेत्र में

400

से ज्यादा डेंगू के संदिग्ध केस मिले हैं पिछले तीन माह में

180

केस मलेरिया के आ चुके है पिछले तीन माह में

डीडीयू हॉस्पिटल में डेंगू के सबसे अधिक केस पहुंच रहे हैं। यहां खराब पड़ी एलाइजा रीडर मशीनों को ठीक कराने व टेस्ट कीट मंगवाने के लिए बोला गया है। यह कीट पूने से कोरियर के माध्यम से आनी है।

शरत पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी

inextlive from Varanasi News Desk


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