अब एेसे युवाआें का डाटाबेस बनाएगी पुलिस रखेगी पैनी नजर

2018-09-23T01:56:18+05:30

असम पुलिस ने राज्य से बाहर करने वालों का डाटा बेस बनाने का फैसला लिया है। यह फैसला कानपुर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमरउजजमां की गिरफ्तारी के बाद लिया गया है

गुवाहाटी (आर्इएएनएस)।  हाल ही में कानपुर से हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी कमर-उज-जमां की गिरफ्तारी के असम की पुलिस काफी अलर्ट हो गयी है। अब यहां पुलिस ने राज्य के बाहर काम करने वालों युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए डाटाबेस तैयार करने का फैसला लिया है। इससे इन पर पैनी नजर रखी जाएगी। इस संबंध में असम के डीजीपी पल्लब भट्टाचार्य ने कहा कि आतंकी कमर-उज-जमां की गिरफ्तारी के बाद असम पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। उसने हिजबुल से जुड़े सात लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है। एेसे में अब पुलिस विभाग को अलर्ट रहने को कहा गया है। इसके साथ ग्राम प्रधानों से भी मदद मांगी गर्इ है।
युवाओं का आकड़ा जुटाने को कहा गया
सभी गांवों के प्रधानों को दूसरे राज्य में काम करने युवाओं का आकड़ा जुटाने को कहा गया है। गांवों के युवकों की जानकारी मिलने के बाद उनसे मिली सूचना के आधार पर एक डाटाबेस तैयार होगा। इसके बाद इन युवकों पर पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियों के माध्यम से इनकी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही भट्टाचार्य ने कहा, "अतीत में भी जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी), हरकत-उल मुजाहिदीन और अन्य आतंकवादी संगठनों ने असम में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर चुके हैं। हालांकि, असमिया समाज इन संगठनों को स्वीकार नहीं करता है।असम में हिजबुल नेटवर्क की हालिया गिरफ्तारी की जांच चल रही है।

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