कारगिल युद्ध के समय जब अटलजी ने लगाया नवाज शरीफ को फोन दिलीप कुमार से कराई बात

2018-08-16T04:58:46+05:30

कारगिल युद्ध के समय अटलजी ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फोन किया था। उन्होंने दिलीप कुमार से उनकी बात कराई थी।

कानपुर। कारगिल की जंग जीते यानी विजय दिवस को अब पूरे 19 साल हो गए हैं। कारगिल युद्ध में करीब 527 भारतीय जवान शहीद और 1363 जवान घायल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने कारगिल की जंग पूरे 84 दिन में जीती थी। बता दें कि जंग के दौरान एक ऐसा समय भी आया था, जब युद्ध को समाप्त करने के लिए भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ को फोन किया और उनसे बॉलीवुड एक्टर दिलीप कुमार से करवाई।
गर्मजोशी से स्वागत के बाद भारत के साथ ऐसा व्यव्हार
दरअसल, एआरआई की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पूर्व विदेश खुर्शीद कसूरी मंत्री ने अपनी किताब 'नाइदर अ हॉक नॉर अ डव' में नवाज शरीफ के तत्कालीन प्रिंसिपल सेक्रेटरी सईद मेहंदी का हवाला देते हुए कारगिल से जुड़े अनेकों घटनाक्रम का जिक्र किया है। बुक में उन्होंने लिखा, 'सईद ने बताया कि वे कारगिल युद्ध के दौरान नवाज शरीफ के साथ बैठे हुए थे, तभी एक फोन आया। ADC ने शरीफ को बताया कि भारत के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी उनसे तुरंत बात करना चाहते हैं। अटलजी ने नवाज से कहा कि आपने मुझे लाहौर बुलाया था, वहां मेरा स्वागत बड़े गर्मजोशी से किया गया लेकिन उसके बाद भी मेरे देश के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है।'
पेशावर के रहने वाले दिलीप कुमार
सईद ने बताया कि अटलजी की बातों को सुनकर नवाज शरीफ हैरान हो गए। इसके बाद शरीफ ने कहा, 'मुझे बिलकुल अंदाजा नहीं है कि आप किस मुद्दे पर बात कर रहे हैं। मैं आर्मी चीफ जनरल परवेज मुशर्रफ से बात कर डेढ़ घंटे में आपको जवाब देता हूं।' फिर जैसे ही नवाज अपने फोन को रखते, तभी वाजपेयी ने नवाज को कहा मुझे आपसे (नवाज) किसी की बात करवानी है। नवाज शरीफ फोन पर दिलीप कुमार की आवाज सुनकर पूरी तरह चौंक गए।' दरअसल, दिलीप कुमार मूल रूप से पेशावर (पाकिस्तान) के रहने वाले हैं और उनका असली नाम यूसुफ खान है।
नवाज से ऐसी उम्मीद नहीं
किताब के मुताबिक, फोन पर दिलीप कुमार ने नवाज से कहा कि मियां साहब! आप हमेशा ही पाकिस्तान और भारत के बीच शांति बनी रहे, इस मुद्दे पर अडिग रहे हैं, आपसे तो हमने कम से कम ऐसी उम्मीद नहीं की थी। एक भारतीय मुसलमान होने के नाते मैं आपको बता देता हूं कि दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को लेकर भारत के मुस्लिम खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। वे इतने मुश्किल में हैं कि अपना घर छोड़ने की सोच रहे हैं। इन हालात से निपटने के लिए कुछ कीजिए।'

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