मण्डल स्तर के कबड्डीट्रायल से तीन जिलों के खिलाडि़यों ने बनायी दूरी

2019-01-20T06:00:02+05:30

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खिलाड़ी ब्वॉयज कैटेगिरी में शामिल होने पहुंचे

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खिलाडि़यों ने ग‌र्ल्स कैटेगिरी में किया पार्टिसिपेट

12

बजे के स्थान पर डेढ़ बजे तक किया गया इंतजार

प्रयागराज के खिलाड़ी ही शामिल हुए विभगीय मण्डलीय ट्रायल कबड्डी में

इन्हीं खिलाडि़यों से पूरी की गयी टीम सेलेक्शन की प्रक्रिया

PRAYAGRAJ: मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में शनिवार को आयोजित विभागीय मण्डलीय कबड्डी ट्रायल में चौंकाने वाला सीन था। ट्रायल जिला और मंडल स्तर की टीम के सेलेक्शन के लिए आयोजित किया गया था। इसमें चार जनपदों के खिलाडि़यों को शामिल होना था। इसके स्थान पर सिर्फ प्रयागराज के ही खिलाड़ी पहुंचे। इसी से टीम चयन का कोरम पूरा किया गया.

खिलाड़ी मौजूद, कोच रहे नदारत

जनपद और मंडल स्तरीय कबड्डी ट्रायल के लिए शनिवार का दिन मुकर्रर किया गया था। खिलाडि़यों के लिए रिपोर्टिग टाइम 12 बजे दिन था। खिलाड़ी सुबह नौ बजे से ही मदन मोहन मालवीय स्टेडियम के पीछे बने ग्राउंड पर मौजूद थे। कोच और अन्य जिम्मेदारों का पता नहीं था। जानकारी करने पर कोच ने बताया कि वे ऑफिस में बैठे हैं। फोन कटने के करीब दस मिनट में कोच दो लोगों के साथ ग्राउंड पर पहुंचे। तब तक करीब 1.30 बज चुके थे।

कुल 58 खिलाड़ी ही पहुंचे

बड़ी बात यह रही कि ट्रायल में कौशाम्बी, फतेहपुर व प्रतापगढ़ के खिलाड़ी पहुंचे ही नहीं। सिर्फ प्रयागराज जिले के बालक वर्ग के 40 और बालिका वर्ग में 18 खिलाड़ी ही शामिल हुई। यह स्थिति बयां करती है कि इस खेल को लेकर विभाग कितना संजीदा है और खिलाडि़यों में इसे लेकर जागरुकता कितनी है.

बाक्स

दो माह से स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रही हूं। इसके पहले वे अपने स्कूल में ही प्रैक्टिस किया करती थी। मैं रोज हनुमानगंज से प्रैक्टिस के लिए यहां आती हूं.

प्राची द्विवेदी, हनुमानगंज

मैं नेशनल खेल चुकी हूं। गौतमबुद्ध महाविद्यालय पीजी कॉलेज से योगा पीजी की पढ़ाई कर रही हूं। कबड्डी को लेकर रुझान कम हो रहा है। इस पर जिम्मेदारों को सोचना चाहिये।

रोशन जहां, फूलपुर महुआकांठी

मैं पिछले दो महीने से प्रैक्टिस कर रही हूं। इसी के बूते जिला स्तरीय ट्रायल में चयनित होकर मण्डलीय कबड्डी ट्रायल में पहुंच गई हूं।

पायल सिंह, शिवकुटी

मैं लगातार पांच साल से प्रैक्टिस कर रही हूं। गोरियों स्थित महाविद्यालय से बीए की पढ़ाई चल रही है। मेरा सपना देश को कबड्डी में विश्व विजेता बनाने का है। इसी सोच व सपने को साकार करने के लिए इतनी शिद्दत से मेहनत कर रही हूं.

गुलशन जहां, महुआ कोठी

रीवां में आयोजित स्कूल नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता खेल चुके हैं। गाजियाबाद में आयोजित स्टेट प्रतियोगिता में भी शामिल हुआ था। एक सवाल के जवाब में कहा कि समस्या कुछ भी नहीं है। बस सरकार कबड्डी के खिलाडि़यों का ध्यान नहीं दे रही है। यही वजह है कि खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.

अखिलेश यादव, लाउदर रोड

वर्जन

हमने सूचना मण्डल के सभी जनपदों को भेज दी थी। अब वहां के कोच अपनी टीम लेकर नहीं पहुंचे तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। सभी खिलाड़ी आ जाएं इसी के इंतजार में प्रतियोगिता देर से शुरू की गई.

रूपेंद्र सिंह, कोच मदन मोहन मालवीय स्टेडियम

inextlive from Allahabad News Desk


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