डाॅक्टर मनाता रहा संडे की छुट्टी अस्पताल में तड़पतड़प कर महिला ने दे दी जान

2019-06-03T10:53:19+05:30

इमरजेंसी में डाॅक्टर कल्याणी की ड्यूटी थी वार्ड के बाहर तड़पती रही महिला

BAREILLY: फरीदपुर सीएचसी में इमरजेंसी के बाहर समय से इलाज न मिलने की वजह से एक महिला की जान चली गई। महिला इमरजेंसी के बाहर करीब एक घंटे तक तड़पती रही, लेकिन उसको किसी भी जिम्मेदार ने एडमिट करने की जरूरत नहीं समझी। सीएचसी में जिन डॉक्टर साहिबा की ड्यूटी थी, वह तो अपने घर पर बिना सूचना दिए संडे की छुट्टी मना रही थीं। महिला के परिजन इलाज के लिए पूरे अस्पताल में डॉक्टर ढूढ़ते रहे, लेकिन उन्हें न तो डॉक्टर मिले और न ही दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए एंबुलेंस मिली।
नहीं किया एडमिट

बक्सरिया मोहल्ले की कलावती की मंडे सुबह अचानक हालत बिगड़ गई। परिजन उन्हें ई-रिक्शा से इलाज के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे। अस्पताल में उन्हें वार्ड ब्वॉय नहीं मिला तो वह खुद ही महिला को लेकर इमरजेंसी पहुंच गए। डॉक्टर न होने के चलते महिला को एडमिट नहीं किया गया, इस पर परिजन अस्पताल में डॉक्टर को ढूंढ़ने निकल गए। जब परिजनों को वार्ड में भी डॉक्टर नहीं मिले तो डॉक्टरों के सरकारी आवास में गए पर वहां पर भी डॉक्टर नहीं थे। इसी बीच इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ही कलावती ने दम तोड़ दिया।
एंबुलेंस भी नहीं मिली
फरीदपुर सीएचसी पर जब डॉक्टर नहीं थीं तो मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट ने 108 एम्बुलेंस के लिए कॉल की ताकि मरीज को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले जाया जा सके, लेकिन 30 मिनट तक इंतजार करने के बाद भी एम्बलुेंस नहीं पहुंची, तब तक कलावती की जान चली गई। जबकि मौके पर 102 एम्बुलेंस हॉस्पिटल में खड़ी रही।
बिना बताए गायब थीं डाक्टर
इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर कल्याणी की ड्यूटी थी। बताया जा रहा है कि एक दिन पहले ही वह सैटरडे को सीएचसी से चली गईं थीं। वह हरदोई की रहने वाली हैं और छुट्टी मनाने अपने घर गई थीं। अस्पताल में सिर्फ फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय व वार्ड आया थीं।
बोले चिकित्सा अधीक्षक
इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर कल्याणी की डयूटी लगाई गई थी। उन्हें वहां मौजूद रहना चाहिए था, ताकि किसी भी मरीज को तुरंत इलाज दिया जा सके। हॉस्पिटल पहुंचने के बावजूद मरीज की मौत होना बेहद दुखद है। अचानक गायब होने वाली डॉक्टर कल्याणी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
- डॉक्टर वासित अली, चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी फरीदपुर
बोले मरीज के परिजन
तबीयत बिगड़ने पर बहन को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर नहीं था। सरकारी आवासों में भी तलाशने पहुंचे मगर कोई नहीं मिला। इलाज समय पर मिल जाता तो कलावती की जान बच सकती थी।
-आशा वर्मा, मृतक कलावती की बहन



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