मेरठ में पीने वाले करेंगे सालाना 288 करोड़ का दान

2019-01-22T11:08:00+05:30

बार, होटल व रेस्टोरेंट में शराब व बीयर की बिक्री पर लगाया गया एक प्रतिशत का विशेष शुल्क

आश्रय गृहों के लिए भारत निर्मित विदेशी शराब और बीयर पर लगेगा विशेष शुल्क

मेरठ के 16 बार, होटल व रेस्टोरेंट में परोसी जाती है शराब व बीयर

MEERUT : यूपी सरकार ने प्रदेश में बेसहारा पशुओं के आश्रय गृहों के रख- रखाव के लिए भारत निर्मित विदेशी शराब और बीयर पर एक विशेष शुल्क लगाए जाने का फैसला लिया है। 18 जनवरी को कैबिनेट में पारित किए गए इस फैसले के तहत अब बेसहारा गोवंश के भरण- पोषण का इंतजाम शराब पर टैक्स लगाकर किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत शहर में शराब पीने के लिए रजिस्टर्ड होटल, रेस्टोरेंट व बार में होने वाली शराब व बीयर की बिक्री का एक प्रतिशत विशेष शुल्क के तौर पर सीधे सरकार के वित्त विभाग में जाएगा। जिससे आश्रय गृहों में बेसहारा गोवंशों का भरण- पोषण किया जाएगा.


2.40 करोड़ की आमदनी

जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार का कहना है कि मेरठ में 16 बार, होटल व रेस्टोरेंट के पास स्थाई लाइसेंस है। आबकारी विभाग के मुताबिक इन 16 जगाहों से एक महीने में तकरीबन 2 करोड़ 40 लाख की आमदनी हर माह शराब व बीयर की बिक्री से होती है। सालाना बिक्री 28 करोड़ 80 लाख की बनती है और इस बिक्री से 2.88 करोड़ का विशेष शुल्क मिलेगा.

 

जरा समझ लें

1 माह में 1 बार, होटल व रेस्टोरेंट से शराब व बीयर की बिक्री से 15 लाख की आमदनी होती है.

 

1 माह में 16 बार, होटल व रेस्टोरेंट से शराब व बीयर की बिक्री से 15 लाख के हिसाब से 2 करोड़ 40 लाख की आमदनी होती है.

 

1 माह में 2 करोड़ 40 लाख की आमदनी का एक प्रतिशत यानी 24 लाख बेसहारा गोवंश आश्रय गृहों पर खर्च होगा.

 

एक प्रतिशत एक्सट्रा देगा ग्राहक

दरअसल, बार, होटल व रेस्टोरेंट में शराब व बीयर के जनरेट बिल पर एक प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स ग्राहक को ही देना होगा। मान लीजिए किसी ग्राहक का बिल 1000 रूपये आया तो उसे बिल में 1 प्रतिशत एक्सट्रा जोड़कर यानी 1010 रूपये टोटल बिल देना होगा.

 

यहां से भी होगी वसूली

शासनादेश के तहत विदेशी शराब और बीयर की बोतल की भराई पर 1 रुपये से लेकर 3 रुपये तक फीस वसूली जाएगी। दूसरे प्रदेशों से आने वाले विदेशी शराब और बीयर पर 50 पैसे से लेकर 2 रुपये प्रति बोतल तक स्पेशल फीस लगेगी.

 

यहां खर्च होगा शुल्क

स्पेशल फीस के तौर पर शहरभर के बार, होटल व रेस्टोरेंट में शराब व बीयर से इकट्ठा होने वाली एक प्रतिशित आमदनी गोवंश के संरक्षण, आवारा पशुओं के संरक्षण गृह ले जाने का खर्च, संरक्षण गृह बनाने का खर्च, गौशाला और जानवरों के खाने पीने का इंतजाम करने का खर्च, इसी बजट से निकाला जाएगा.

 

शराब बिक्री पर अतिरिक्त शुल्क को लेकर जो नियम बन रहा है, उसके बार में अभी पता नहीं है। अगर यह नियम आएगा तो उसका पालन किया जाएगा.

रमेश ढींगरा, प्रबंधक, होटल राजमहल

 

अगर एक प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क वसूलने का कोई आदेश आएगा तो वह उसका पालन करेंगे.

मुनेंद्र पाल, प्रबंधक, सारा होटल व बार

inextlive from Meerut News Desk


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