पांच साल बाद मिली अग्रसेन की छात्राओंको उपाधि

2019-04-14T06:00:27+05:30

स्वायत्तता के पेंच में वर्ष 2013 से ही यूनिवर्सिटी ने लगा रखी थी रोक

उपाधि मिलते ही खिले छात्राओं के चेहरे, सेल्फी लेकर जताई खुशी

अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की छात्राओं को पूरे पांच साल बाद उपाधि दी गई। डिग्री मिलते ही छात्राओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कदम हवा में उछले तो चेहरे पर हंसी ठहर गई। समारोह के बाद शिक्षकों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया तो सेल्फी की कमी भी पूरी की। 2013-14 सत्र से ही स्वायत्तता के पेंच में महाविद्यालय की हजारों छात्राओं की उपाधियां फंसी हुई थीं।

1600 को मिली उपाधि

पहले दिन बीएससी की 385, बीकॉम की 226, एमए की 205 व एमएससी की 78 सहित करीब 1600 छात्राओं को उपाधियां वितरित की गई। बुलानाला कैंपस में उपाधि वितरण समारोह के चीफ गेस्ट काशी विद्यापीठ के वीसी प्रो। टीएन सिंह ने छात्राओं को उपाधि देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संप्रेषणहीनता व संवादहीनता के चलते छात्राओं को उपाधि के लिए पांच साल इंतजार करना पड़ा।

वोटिंग करने की अपील

वीसी ने वोटिंग में प्रतिभाग करने व दूसरों को प्रेरित करने की अपील की। प्रबंधक अनिल कुमार जैन ने घोषणा की कि सत्र 2019-20 में कालेज में ही दीक्षा समारोह आयोजित कर छात्राओं को उपाधि दी जाएगी। समारोह में परीक्षा नियंत्रक डॉ। अर्चना सिंह, उपनियंत्रक डॉ। दीपा अग्रवाल डॉ। बृजेश पांडेय, अग्रवाल समाज के सभापति अशोक जी सर्राफ आदि रहे। अध्यक्षता प्रिंसिपल डॉ। कुमकुम मालवीय, संचालन डॉ। आभा सक्सेना व थैंक्स सह प्रबंधक हरीशजी अग्रवाल ने दिया।

यूनिवर्सिटी ने लगाई थी रोक

कालेज प्रशासन ने ग्रेडिंग समाप्त होने के बाद आवेदन नहीं किया। ऐसे में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने अग्रसेन कॉलेज की छात्राओं की उपाधि रोक दी। उधर, उपाधि के लिए छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनना शुरू किया। तब कॉलेज प्रशासन ने मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की। नैक को सेल्फ स्टडी रिपोर्ट भेजी। इसके बाद विद्यापीठ प्रशासन ने छात्राओं की उपाधि जारी की।

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कब क्या हुआ

2001

में यूजीसी ने अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज को स्वायत्तशासी का दर्जा पांच वर्ष के लिए दिया

2005

में कॉलेज प्रशासन की ओर से नवीनीकरण करा लिया गया।

2005

के बाद कॉलेज प्रशासन ने स्वायत्तता का नवीनीकरण नहीं कराया।

2005

के बाद यूजीसी ने कहा कि अब नैक से ए ग्रेड प्राप्त महाविद्यालयों को ही स्वायत्तता मिलेगी।

2013-14

सत्र में महाविद्यालय को नैक से मिली ए ग्रेडिंग की वैधता समाप्त हो गई।

inextlive from Varanasi News Desk


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