राजकीय स्कूलों पर छाया मान्यता खत्म होने का खतरा !

2019-05-27T06:00:08+05:30

-सूबे के 45 गवर्नमेंट स्कूलों में दो सत्रों से शून्य रहा दाखिला

-दो साल से शून्य एडमिशन पर माध्यमिक में मान्यता खत्म करने का है यूपी बोर्ड का नियम

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PRAYAGRAJ: यूपी बोर्ड के स्कूलों में छात्र संख्या में लगातार कमी आ रही है। सरकार की ओर से छात्रसंख्या बढ़ाने के निर्देश का भी असर नहीं दिख रहा। आलम यह है कि पिछले दो साल में सूबे के 427 स्कूलों में एक भी स्टूडेंट का एडमिशन नहीं हुआ। इसके बाद से इन सभी स्कूलों की मान्यता पर संकट बना हुआ है। सूबे के 45 गवर्नमेंट स्कूल में भी इस सूची में शामिल हैं।

दो सेशंस जीरो पर होती है मान्यता खत्म

यूपी बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की नियमावली के मुताबिक बोर्ड से मान्यता प्राप्त जिन स्कूलों में दो सत्र शून्य होंगे, उनकी मान्यता समाप्त हो जाएगी। बोर्ड के इस नियम के बाद सभी 427 स्कूलों की मान्यता पर खतरा बना हुआ है। लेकिन जहां तक बात राजकीय विद्यालयों की है तो बोर्ड की तरफ से उन्हें मान्यता नहीं दी जाती है। स्टेट गवर्नमेंट राजकीय स्कूलों को तैयार कराती है, जिसे बाद में यूपी बोर्ड से संबद्ध कर दिया जाता है। यूपी बोर्ड की तरफ से इनकी मान्यता खत्म करने की सिफारिश की जा सकती है। जिससे उनकी मान्यता पर अंतिम फैसला प्रदेश सरकार ले सके।

प्रयागराज क्षेत्रीय ऑफिस में 16 स्कूल

प्रयागराज क्षेत्रीय कार्यालय के अन्तर्गत ऐसे कुल 16 राजकीय विद्यालय हैं। इन सभी में दो सेशंस जीरो होने की स्थिति में उनकी मान्यता खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है।

जिला राजकीय विद्यालय

लखीमपुर खीरी 04

हरदोई 02

लखनऊ 01

रायबरेली 02

इटावा 01

जालौन 01

झांसी 01

बांदा 01

चित्रकूट 01

प्रतापगढ़ 01

कौशांबी 01

वर्जन

दो सत्र शून्य होने पर राजकीय स्कूल की मान्यता खत्म करने के लिए बोर्ड सिर्फ शासन को पत्र भेज सकता है। उसके बाद शासन उस पर निर्णय लेता है।

नीना श्रीवास्तव

सचिव, यूपी बोर्ड

inextlive from Allahabad News Desk


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