लाइन लॉस व बिजली चोरी अब ऐसे ही बैठेबैठे जान जाएंगे अफसर

2018-12-25T06:00:17+05:30

- महानगर के लालडिग्गी और ऊचवां फिडर के 17 ट्रांसफार्मर ऑनलाइन

- लाइन लॉस रोकने के लिए ट्रांसफार्मर के डीटी मीटर पर लगाए गए मॉडम

- ट्रांसफार्मर से कितनी बिजली चोरी हुई अब इसकी होगी जानकारी

GORAKHPUR:

महानगर में बिजली चोरी और लाइन लॉस को रोकने के लिए लालडिग्गी व ऊचवां फिडर से सभी ट्रांसफार्मरों पर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर (डीटी मीटर) में मॉडम लगाए गए। इन मीटरों का उपयोग ट्रांसफार्मर की पावर सप्लाई को मापने में किया जाता है, ताकि संबंधित ट्रांसफार्मर से चल रहे कनेक्शनों का पता चल सके। डीटी मीटर से ओवरलोड का पता चल जाएगा। बिजली अफसर ओवरलोड को कम करेंगे जिससे अनावश्यक कटौती पर रोक लगाई जा सके। ट्रांसफार्मर ऑनलाइन होने से अब अफसर एक जगह बैठकर ही इलाके में कितनी बिजली चोरी हुई है इसकी जानकारी ले सकेंगे.

 

लाइन लॉस और बिजली चोरी को लेकर सोमवार को बिजली निगम के अफसर लालडिग्गी के आठ और ऊचवां के नौ ट्रासफार्मरों के डीटी मीटर को ठीक करते हुए उसे मॉडम के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया। इस मौके पर बिजली निगम के अधिशासी अभियंता मीटर इंद्रराज यादव और सहायक अभियंता मीटर आकांक्षा जायसवाल मौजूद रहीं। अफसरों का कहना है कि मीटरों का सही तरह से प्रयोग हो तो इससे निगम व कंज्यूमर्स दोनों को फायदा होगा। अतिरिक्त लाइन लॉस कम होगा, वहीं कंज्यूमर्स को अघोषित कटौती से निजात मिलेगा। ट्रांसफार्मर में लगे डीटी मीटर की जांच करने पर अफसरों को पता चल जाएगा कि किस एरिया में ट्रांसफार्मर पर लगे कनेक्शनों की खपत कितनी है। अगर किसी ट्रांसफार्मर से अवैध कनेक्शन चलाए जा रहे हैं तो इसकी जानकारी डीटी मीटर दे देगा। डीटी मीटर से पता चल जाएगा कि कितने लोड का कनेक्शन दिया गया है और कितनी बिजली चोरी हो रही है। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों से जुड़े क्षेत्रों का पता चलते ही अफसर की टीम बिजली चोरों पर कार्रवाई करेंगी। इस मौके पर बृजेश मणि त्रिपाठी हूकुम चंद, रामनाथ शर्मा आदि मौजूद रहे.

 

डीटी मीटर के काम

- ट्रांसफार्मर की क्षमता बताता है डीटी मीटर

- ट्रांसफार्मर ने फीडर से कितनी सप्लाई प्राप्त की

- ट्रांसफार्मर से जुड़े वैध कनेक्शनों में कितनी खपत हुई

- अवैध कनेक्शनों के रूप में कितनी बिजली चोरी हुई

- कितना लाइन लॉस हुआ

- यह सब जानकारी इनकी सहायता से मिलेगी

वर्जन

ट्रांसफार्मरों पर मीटर पहले से ही लगाए गए हैं। मरम्मत न होने की वजह से कई मीटर काम नहीं कर रहे थे और कुछ की क्षमता बढ़ गई। सभी मीटर को प्रयोग में लाया गया है। डीटी मीटर लगने से लाइन लॉस व बिजली चोरी पर रोक लगेगी.

आकांक्षा जायसवाल, सहायक अभियंता बिजली निगम

inextlive from Gorakhpur News Desk


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