एडवांस कोर्स से मिलेगा रोजगार

2019-01-14T06:01:09+05:30

101 कोर्स का संचालन हो रहा है राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी में

46 हजार स्टूडेंट इस यूनिवर्सिटी से कर रहे हैं पढ़ाई

1999 में हुई थी राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी की शुरूआत

70 हजार के आसपास छात्र कर रहे थे पढ़ाई उस दौर में

1 लाख तक छात्रों की संख्या करने की चल रही है कवायद

राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में शुरू होंगे कई एडवांस कोर्स

MEERUT। राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी यूथ के भविष्य की तमाम जरुरतों को ध्यान में रखते हुए बहुत से एडवांस कोर्स शुरू करने जा रही है। इस बाबत सभी सेंटर्स समेत मेरठ के रीजनल ऑफिस में भी संबंधित सभी जानकारी मेल द्वारा भेज दी गई है।

नए कोर्स हैं जरूरत

यूनिवर्सिटी के अनुसार नए कोर्स की शुरुआत के साथ वर्तमान पाठयक्रम में भी सुधार किए जा रहे हैं। क्योंकि प्रतिस्पर्धा के दौर में नौकरी के लिए नए कोर्स यूथ की डिमांड भी हैं। इसके तहत कृषि में भी कुछ ऐसे कोर्स जैसे बीज, खाद्य व कीटनाशक से जुड़े होंगे। इच्छुक लोगों के लिए डिप्लोमा एंड एंटीग्रेटेड एग्रीकल्चर मैनेजमेंट में भी डिप्लोमा शुरू होगा।

रिमोर्ट सेंसिंग कोर्स भी होगा

नए कोर्सेज में रिमोर्ट सेंसिंग कोर्स भी शुरू हो रहा है। जिसके तहत किसी वस्तु के साथ सीधे संपर्क में आए बिना उसके आंकड़े संग्रह करना सिखाया जाता है, जैसे हवाई जहाज, उपग्रह या गुब्बारे, पृथ्वी के किसी भूभाग का चित्र बनाना। इसके साथ ही टैक्स प्रिपेयसर कोर्स समेत इतिहास, भूगोल में पीजी कोर्स की डिग्री भी शुरूहोगी।

एलएलएम भी लाने की तैयारी

एलएलएम का पाठयक्रम तैयार कर लिया गया है। पूरी कोशिश है कि इस पाठयक्रम को भी शुरू किया जाए। इसके अलावा प्रैक्टिकल बेस के कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं.

महिला सशक्तिकरण भी लाइन में

महिला सशक्तिकरण का भी सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की तैयारी है, क्योंकि ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य आदि में शामिल महिलाओं के लिए ये कोर्स बेहद अहम होंगे। साथ ही कुछ ऐसे लीगल कोर्स शुरू करने की तैयारी है, जिसमें लोग अपने अधिकारों को जान सकें.

शुरु किया टोल फ्री नंबर

यूनिवर्सिटी नेएक टोल फ्री नंबर 1800- 120- 111- 333 जारी किया है, जिस पर कोर्सेज से जुड़ी जानकारी और इस बाबत किसी भी समस्या का समाधान किया जाएगा।

विद्यार्थियों की संख्या एक लाख

अभी यूनिवर्सिटी में चल रहे 101 कोर्सेज में विद्यार्थियों की संख्या 46 हजार है। जब 1999 में यूनिवर्सिटी शुरू हुई थी, तब यह संख्या 70 हजार के आसपास थी। इसे बढ़ाकर 1 लाख किए जाने की योजना है। इसकेलिए खुद कॉलेजों में शिक्षकों व विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया जा रहा है। लोगों में कई तरह के भ्रम हैं, जिन्हें दूर करना है। जैसे आप यदि बीए कर रहे हैं तो उसके साथ ओपन यूनिवर्सिटी से सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। यह पूरी तरह मान्य है। यूजीसी ने पहले से ही इसे स्पष्ट कर दिया है.

सभी पाठयक्रम दूरस्थ शिक्षा वाले हैं फिर भी कुछ में व्यावहारिक प्रशिक्षण की जरूरत होती है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए उनकी आवश्यकता केअनुसार यूनिवर्सिटी स्तर पर वर्कशॉप आयोजित की जाती हैं। इसकी सुविधा सभी रिजनल सेंटरों पर है.

डॉ। पूनम गर्ग, रीजनल ऑफिसर, इस्माईल पीजी कॉलेज

inextlive from Meerut News Desk


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