मतदान जागरूकता अभियान में पिछले इंजीनियरिंग कॉलेज

2019-04-01T06:00:19+05:30

एकेटीयू ने दिया था निर्देश, यूपी में मेरठ और बरेली में नहीं चला कैम्पेन

महिलाओं को घर-घर जाकर प्रेरित करने के मामले में एक भी कॉलेज नहीं आया आगे

- 17 मार्च से शुरु करना था घर-घर जाकर जागरुक करने का अभियान

MEERUT । एकेटीयू में वोटिंग को लेकर स्टूडेंट्स के वॉलेंटियर के तौर पर काम करने के लिए एक सर्कुलर जारी किया गया था। शासन के आदेशानुसार एकेटीयू ने ऐसा कदम उठाया, जिसके तहत स्टूडेंट्स को न केवल कॉलेजों में जागरुक करना था, बल्कि घर-घर जाकर वूमेंस को वोटिंग के लिए अवेयर करना था, लेकिन यूपी में मेरठ व बरेली में एक भी कॉलेज ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया है, ऐसे में दोनों शहरों में मतदान जागरुकता के अभियान असफल नजर आ रहे हैं, हालांकि, एकेटीयू ने अभी इन शहरों के कॉलेजों को फिर से हिदायत दी है कि वो किसी तरह अपने यहां इससे संबंधित घर-घर जाकर जागरुक करने के कार्यक्रम कराएं, अन्यथा कॉलेजों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

होनी थी ट्रेनिंग

कॉलेजों में बकायदा इसके लिए स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग देने की बात कही गई थी, ऐसे में इलेक्शन में वोट न करने वालों को वोटिंग के लिए जागरुक करना था व इसके साथ ही बुजुर्गो को बूथ तक ले जाने का भी काम इनको सौंपा गया है, हालांकि इलेक्शन में बूथ पर तो उसी दिन ले जाना है, लेकिन घर जाकर तो वूमेंस को अभी से अवेयर करना था। 17 मार्च से शुरु होने वाले इस कैम्पेन पर किसी भी कॉलेज में कोई काम नहीं कराया गया है। वहीं स्टूडेंट्स को ये भी जिम्मेदारी दी गई है कि वो ऐसे घरों में जाए कि जहां महिलाएं वोट नहीं करती है। ऐसी महिलाओं को वोटिंग के फायदे बताकर उनको उनके पोलिंग बूथ पर भेजने का काम करना है व उनके अधिकारों के प्रयोग के बारे में बताना है, लेकिन अभी कही भी कुछ नहीं है।

ये भी है जिम्मेदारी

वैसे तो कॉलेजों के पास अभी भी इसके लिए समय है, हालांकि अब कॉलेज इन दिनों में ये अभियान चला सकते हैं, इसके साथ ही उनको कुछ लोग ऐसे होते है अक्सर जिनका वोटिंग कार्ड नहीं आता है। ऐसे में वो कार्ड न होने के कारण अपना वोट नहीं दे पाते है। क्योंकि उनको जानकारी नही होती है। ऐसे लोगों को वो बताएंगे कि आधार कार्ड दिखाकर वो अपने करीबी बूथ पर किस क्षेत्र में जाकर वोटिंग दे सकते हैं, उनको जानकारी देनी है।

निकाल रहे बचने के बहाने

कॉलेजों से बात करने पर वो तो बचाव के लिए विभिन्न तरीके निकाल रहे है। कुछ कॉलेजों का कहना है कि वो तो अपने कॉलेजों में मतदान जागरुकता कार्यक्रम करा रहे हैं, स्टूडेंट्स को वोट के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वहीं कुछ बोल रहे हैं कि उनकी तरफ से अभी प्रोग्राम होने बाकी है, प्लानिंग हुई है। ऐसे में किसी भी कॉलेज ने इस विषय के बारे में नहीं बताया कि उनके कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने कहां जाकर वोटिंग के लिए वूमेंस को प्रेरित किया है।

हमारे यहां सभी कार्य एकेटीयू के नियमों के मुताबिक ही होते हैं। इस संबंध में भी कुछ हुआ होगा, संबंधित विभाग को इसकी जानकारी होगी। वैसे हमारी ऐसी एक रैली की प्लानिंग चल रही है जो जल्द की जाएगी।

एसके सिंह, रजिस्ट्रार, एमआईईटी कॉलेज मेरठ

कॉलेज में एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम कराया गया था, जिसमें स्टूडेंट्स को मतदान के लिए शपथ दिलवाई गई थी। बाकी तो रैली के लिए अभी बात चल रही है।

आदेश गहलौत, रजिस्ट्रार, बीआईटी कॉलेज मेरठ

कॉलेज के ऑडिटोरियम में इससे संबधित जागरुकता कार्यक्रम हुआ था। घर जाकर प्रचार अभी नहीं हुआ है, इसके लिए कॉलेज फैकल्टी व डायरेक्टर से बात करनी होगी, उसके बाद ही बता पाएंगे।

संजीव गोयल, ऑफिसिएटिंग रजिस्ट्रार, राधा गोविंद कॉलेज, मेरठ

inextlive from Meerut News Desk


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