रांची ने खो दिया एक्स ओलंपियन राणा यशवंत सिंह को

2015-10-10T07:40:57+05:30

RANCHI: मृतक यशवंत सिंह के बचपन के मित्र और हाईकोर्ट के अधिवक्ता अभय मिश्रा ने बताया कि यशवंत से उनका नाता-रिश्ता वर्ष क्978 में सेंट्रल स्कूल, धुर्वा से था। कुछ साल पढ़ाई करने के बाद केंद्रीय विद्यालय हिनू में क्ख्वीं की कक्षा तक दोनों ने पढ़ाई की। अभय मिश्रा ने बताया कि यशवंत सिंह डिस्कस थ्रो, जैबलिन थ्रो का उस्ताद था। वह इंटर स्कूल प्रतियोगिता सात बार और नेशनल प्रतियोगिता भी जीता था। वर्ष क्99म् में यशवंत सिंह ने भारत से ओलंपिक का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद सरकार की ओर से स्पो‌र्ट्स कोर्ट में बतौर सब-इंस्पेक्टर के पोस्ट पर तैनात था। लेकिन बाद में अपना स्थानांतरण एलआईसी में करा लिया था। हाल के दिनों में यशवंत सिंह ने ऑल इंडिया मीट कराया था और उनका चयन एथलीट संघ के सचिव के रूप में हुआ था।

जमीन विवाद में चली गोली

जानकारी के मुताबिक, राणा संग्राम सिंह के बड़े बेटे रामइकबाल सिंह का आरोपी दामाद है, तीसरी बेटी से उसकी शादी हुई थी। बिहार के आरा बसंतपुर में राणा संग्राम सिंह, उनके भाई जगदेव सिंह व चंद्रमा सिंह के नाम से ब्0 बीघा जमीन थी। जगदेव सिंह की कोई औलाद नहीं थी। इसलिए उन्होंने उस जमीन को अपने भाईयों के हवाले कर दिया। राणासंग्राम सिंह के तीन बेटे रामइकबाल सिंह, राणा प्रताप सिंह और यशवंत सिंह हैं, जबकि चंद्रमा सिंह का एक ही बेटा वंशनारायण सिंह है। हटिया एएसपी प्रशांत आनंद के मुताबिक, उक्त जमीन को लोग तीनों भाईयों में बांटने की बात कह रहे थे। लेकिन, चंद्रमा सिंह का बेटा वंशनारायण सिंह व आरेापी दामाद अमर सिंह को यह मंजूर नहीं था। दोनों चाहते थे कि ख्0 बीघा जमीन राणा संग्राम सिंह को मिले और ख्0 बीघा चंद्रमा सिंह को। पर, राणा संग्राम सिंह के बेटों को यह मंजूर नहीं था। वे लोग ब्0 बीघा जमीन को चार भागों में बांटने की जिद कर रहे थे। इस पर अमर सिंह द्वारा विरोध दर्ज किया गया था। अमर सिंह यूं तो रामइकबाल सिंह का दामाद था, लेकिन जमीन विवाद में चंद्रमा सिंह के साथ हाे लिया था।

अमर पर बिहार में आधे दर्जन से अधिक केस

अमर सिंह एक आपराधिक किस्म का व्यक्ति है। उसके विरुद्ध आरा, सोनवर्षा व पटना में आधे दर्जन से अधिक केस चल रहे हैं। यशवंत सिंह ने भी अमर सिंह पर पटना हाईकोर्ट में एक मुकदमा दायर किया था। उसकी सुनवाई नहीं होने पर पटना हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर किया गया था। पटना हाईकोर्ट ने इस संबंध में बिहार के डीजीपी को कठघरे में खड़ा किया था। उस समय के बाद से अमर सिंह पर पुलिस का दबाव बढ़ा, तब उसने यशवंत सिंह को देख लेने और जान से मार देने की धमकी दी थी। दोनों के बीच पहले भी मारपीट हुई थी और पुनदाग ओपी में केस भी दर्ज किया गया था, जिसका कांड संख्या-ख्ब्0/क्भ् है।

inextlive from Ranchi News Desk


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