फेक न्यूज पर लगाम कसने के लिए फेसबुक ने किया करार

2018-08-02T06:59:46+05:30

फेसबुक पर फर्जी वीडियो आैर तस्वीरों की सत्यता जांचने आैर उससे अफवाह फैलाने वालों पर लगाम कसने के लिए फेसबुक ने साझेदारी की है।

नर्इ दिल्ली (पीटीआर्इ)। फेसबुक ने अपने एक वक्तव्य में कहा है कि उसने फेक न्यूज को अफवाह में बदलने से रोकने के लिए बूम लाइव के साथ साझेदारी की है। बूम फेसबुक पर तस्वीर आैर वीडियो की सत्यता की जांच करेगी। साथ ही वह हिंदी आैर बांग्ला भाषा में कंटेंट की वास्तविकता को भी परखने में मदद करेगी। अमेरिकी कंपनी फेसबुक ने अप्रैल में बूम लाइव के साथ भारत में थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम लांच किया था। कर्नाटक में चुनाव से पहले यह करार उनके लिए फर्जी खबरों की सत्यता जांच कर उसे वायरल होने से रोकना पाइलट प्रोजेक्ट के तौर पर था। उस समय बूम लाइव उन्हें अंग्रेजी भाषा में फैक्ट चेकिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही थी। फेसबुक ने कहा कि उसी साझेदारी का विस्तार अब हिंदी आैर बांग्ला के रूप में हुआ है।
फ्रांस आैर अमेरिका सहित कर्इ देशों में एेसे उपाय
फेसबुक ने कहा कि बूम को फेसबुक पर अंग्रेजी भाषा की न्यूज स्टोरी की सत्यता की जांच करना आैर सटीकता के आधार पर उसकी रेटिंग करने का काम करना था। फेसबुक ने फ्रांस, इटली, नीदरलैंड्स, जर्मनी, मेक्सिको, इंडोनेशिया, फिलिपींस आैर अमेरिका में इसी तरह के उपाय किए हैं। आठ करोड़ लोगों का पर्सनल डाटा चोरी के मामले पर हाल के महीनों में फेसबुक काे यूजर्स आैर सरकारों से काफी आलोचना झेलनी पड़ी है। बताया गया कैंब्रिज एनालिटिका से डाटा चोरी करके उनका उपयोग फर्जी खबरों को फैलाने आैर उसका अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने में किया था।
फेसबुक डाटा सुरक्षा को लेकर अब भी प्रतिबद्ध
सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक ने कहा कि वह डाटा सुरक्षा को लेकर प्रतिद्ध है। वह अपने प्लेटफार्म को लगातार मजबूती दे रहा है आैर साझेदारी से पूरे भारत में स्थानीय भाषा में तथ्यों की सत्यता परखने न्यूज के प्रति जागरुकता फैलाने काम काम करेंगे। इसके लिए फेसबुक साझीदार न्यूजरूम, पत्रकार आैर फैक्ट चेकर्स का सहारा लेगी। न्यूज पार्टनरशिप के फेसबुक ग्लोबल हेड कैंपबेल ब्राउन ने कहा कि बूम लाइव के साथ साझेदारी से हमारे सभी प्लेटफार्म पर फैक्ट चेकिंग सिस्टम का विस्तार होगा। इसके अलावा फेसबुक ने भारत में एशियन काॅलेज आॅफ जर्नलिज्म के साथ मिलकर फेसबुक जर्नलिज्म प्रोजेक्ट स्काॅलरशिप प्रोग्राम चलाएगा।
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