शिक्षक भर्ती से जुड़े फर्जी मार्कशीट के तार

2019-04-19T06:00:40+05:30

- बीते पांच सालों के रिकार्ड से सबसे ज्यादा मार्कशीट बनाई गई

- जांच में सबसे ज्यादा मार्कशीट के प्रयोग शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े की संभावना

- सूत्रों का दावा बीते डेढ़ साल में करीब 20 हजार फर्जी मार्कशीट हुई तैयार

LUCKNOW : एलयू में फर्जी मार्कशीट का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। इससे एलयू के अधिकारियों की नींद उड़ गई है। एलयू के सूत्रों का कहना है कि पांच साल के रिकार्ड से वर्ष 2017 से जून 2018 के बीच मार्कशीट में सर्वाधिक फर्जीवाड़ा किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्तियां निकाली गई थीं, जिसके बाद फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरोह एलयू में सक्रिय हो गया था।

20 हजार से अधिक फर्जी मार्कशीट

सूत्रों का कहना है कि इस खेल में पकड़े गए एलयू के कर्मचारी ने पुलिस को बताया है कि एलयू से करीब 20 हजार फर्जी मार्कशीट जारी की गई हैं। इसके लिए पांच साल के स्टूडेंट्स के रिकार्ड का यूज किया गया। कुछ छोटे से लेकर बड़े कर्मचारी और अधिकारी इस खेल में शामिल हैं। लाखों रुपए में एक-एक फर्जी मार्कशीट बनाई गई है।

सभी मार्कशीट पुराने पैटर्न की

एलयू ने शुरुआती जांच में पाया है कि ये सभी मार्कशीट पुराने फॉर्मेट की हैं। सबसे ज्यादा मार्कशीट नंबर बढ़ाने के लिए बनाई गई हैं। ताकि शिक्षक भर्ती परीक्षा में मेरिट को लेकर कोई दिक्कत सामने न आए। इन मार्कशीट में 50 फीसद मा‌र्क्स वालों के 70 से 75 फीसद तक मा‌र्क्स किए गए हैं। इसके लिए एलयू के टैबुलेशन चार्ट में भी हेरफेर किया गया है। जिससे अगर कोई इनकी जांच के लिए आए तो उसे सब कुछ ठीक मिले।

2015 में सामने आया था मामला

रजिस्ट्रार एसके शुक्ला ने बताया कि 2015 में बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीट का मामला आया था। शासन से इसकी जांच बड़ी एजेंसी से कराने की मांग की थी। शासन ने पूरे मामले की जांच एसटीएफ से कराने का ऑर्डर दिया था। एसके शुक्ला ने बताया कि फर्जी मार्कशीट के मामले में उस समय लखीमपुर खीरी के 21 लोगों पर वजीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके खुलासे के बाद एलयू ने नए सिरे से नई मार्कशीट और डिग्री जारी की थी।

बाक्स

इस तरह के मामले आए सामने

- 23 अप्रैल 2015 को लखीमपुर खीरी में बीपीएड कैंडीडेट्स की 150 फर्जी मार्कशीट मिलीं। जिनका यूज जुनियर हाई स्कूल में इंस्ट्रक्टर के पद पर भर्ती के लिए किया गया था।

- मई, जून, जुलाई और अगस्त 2015 में फर्जी मार्कशीट के 405 मामले सामने आए। इनका यूज लखीमपुर खीरी में जुनियर हाईस्कूल में इंस्ट्रक्टर के पद पर भर्ती के लिए किया गया था।

- जुलाई 2012 में 18 कैंडीडेट्स की नियुक्ति मुजफ्फरनगर डायट में एलयू की फर्जी मार्कशीट के सहारे हुई। इसमें एलयू के कुछ कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर भी हुई थी।

कोट

यह मामला काफी गंभीर है। हम अपने पूरे रिकार्ड की जांच करा रहे हैं। अगर किसी स्तर पर रिकार्ड से छेड़छाड़ की गई है तो आरोपी पर सख्त कार्रवाई होगी।

प्रो। एसपी सिंह, वीसी

inextlive from Lucknow News Desk


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