लुकआउट नोटिस की मदद से दबोचा गया फर्जी पासपोर्ट का आरोपी

2019-06-03T09:19:33+05:30

कैसरबाग के फूलबाग में अपना स्थायी निवास बताकर पासपोर्ट बनवाने वाला आरोपी आखिरकार लुकआउट नोटिस की मदद से दबोच ही लिया गया।

lucknow@inext.co.in
LUCKNOW : कैसरबाग के फूलबाग में अपना स्थायी निवास बताकर पासपोर्ट बनवाने वाला आरोपी आखिरकार लुकआउट नोटिस की मदद से दबोच ही लिया गया। वह बीते 10 साल से फरार चल रहा था और विभिन्न एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं। अब एटीएस उससे फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाने के मददगारों और वह इस मियाद में पासपोर्ट की मदद से कहां-कहां गया, इसकी पड़ताल में जुट गई है।

पासपोर्ट बनवाकर फरार
एसपी एटीएस राजकरन नैय्यर के मुताबिक, बाराबंकी के टिकैतनगर स्थित ग्राम बनगांव के निवासी चांद बाबू ने वर्ष 2009 में खुद को कैसरबाग के फूलबाग का निवासी बताते हुए पासपोर्ट अप्लाई किया। पते के साक्ष्य में उसने जाली दस्तावेज लगा दिये। इन दस्तावेजों की मदद से चांद बाबू पासपोर्ट बनवाने में सफल रहा। इसी बीच उसकी इस करतूत का खुलासा हो गया। लेकिन, पुलिस उसे दबोच पाती इससे पहले ही वह फरार हो गया। जिसके बाद एटीएस थाने में चांदबाबू के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना व पासपोर्ट एक्ट के तहत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई।
आईबी ने जारी किया था लुकआउट नोटिस
करीब नौ साल तक विभिन्न एजेंसियां चांद बाबू को तलाशती रहीं लेकिन, उसका सुराग नहीं लग सका। आखिरकार, 13 जून, 2018 को इंटेलिजेंस ब्यूरो ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया। साथ ही एटीएस ने विदेश मंत्रालय को चांद बाबू का पासपोर्ट निरस्त करने के लिये सिफारिश कर दी थी। बीती देररात करीब 11.30 बजे चांद बाबू फ्लाइट से दिल्ली से लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पहुंचा। लुकआउट नोटिस की वजह से उसे इमीग्रेशन पर रोक लिया गया और इसकी सूचना एटीएस को दी गई। जानकारी मिलने पर पहुंची एटीएस टीम ने आरोपी को अरेस्ट कर लिया।
'आरोपी चांद बाबू से पूछताछ की जाएगी कि उसने किसकी मदद से पासपोर्ट बनवाया। वह फरार रहने के दौरान पासपोर्ट की मदद से कहां-कहां गया।'
- राजकरन नैय्यर, एसपी, एटीएस



This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.