फैमिली डॉक्टर की तर्ज पर बनें फैमिली फार्मर

2019-05-30T06:00:59+05:30

मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में प्रमुख सचिव ने किसानों को दिए आय बढ़ाने के टिप्स

मेरठ व सहारनपुर मंडल के किसानों ने समस्याओं को लेकर अफसरों को घेरा

MEERUT। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि अब खेती रूप बदल रही है। केवल फसल उगाकर ही किसानों की आय के बढ़ने की उम्मीद नहीं की जा सकती, बल्कि फसलों की प्रोसेसिंग करके उन्हें सीधे लोगों के घर-घर तक पहुंचाने का ट्रेंड है। फैमिली डॉक्टर की भांति अब फैमिली फार्मर की तलाश जनता को है। ताकि उन्हें कीटनाशक व अन्य रसायनों से मुक्त भोजन मिल सके। यह कार्य युवा वर्ग ही बेहतर तरीके से कर सकता है। खेती में अब रोजगार के अपार अवसर मौजूद हैं। लिहाजा युवा को खेती से विमुख होने की नहीं, बल्कि खेती में अपना करियर बनाने की जरूरत है। इस क्षेत्र में वे कारपोरेट से भी ज्यादा कमाई कर सकते हैं।

खरीफ गोष्ठी संपन्न

प्रमुख सचिव बुधवार को एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित मेरठ और सहारनपुर मंडल की खरीफ उत्पादकता गोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। गोष्ठी में जहां जनपदवार किसानों ने अपनी समस्याएं रखकर संबंधित जनपद के अफसरों को घेरा, वहीं उनके जनपद के जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। प्रमुख सचिव ने अपने संबोधन में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की, वहीं किसानों को नए रास्ते भी दिखाए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के तीन सूत्र हैं। लागत घटे, उपज बढ़े और उपज का सही दाम मिले। लेकिन अब किसानों को उपज से आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने पद्मश्री से सम्मानित भारत भूषण त्यागी के प्रयास की सराहना करके किसानों से उन्हें अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्होंने रसायन मुक्त खेती करके रोजगार का नया रास्ता खोला है। बैठक में मेरठ और सहारनपुर मंडल के किसानों ने प्रमुख सचिव के समक्ष अपनी समस्याओं को रखा। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

inextlive from Meerut News Desk


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