तीन तलाक का विरोध करने वाली निदा के खिलाफ जारी हुआ फतवा कहा गया बीमार होने पर न दी जाए दवा

2018-07-17T11:46:59+05:30

तीन तलाक और हलाला को लेकर मचे शोर के बीच दरगाह आला हजरत के दारुल इफ्ता ने ही दरगाह आला हजरत खानदान की बहू निदा खान को काफिर ऐसा शख्स जो इस्लाम का अनुयायी न हो करार देते हुए फतवा जारी किया है

-आला हजरत दरगाह खानदान की बहू निदा के खिलाफ जारी हुआ फतवा

-बीमार होने पर न दी जाए दवा, मरने के बाद कब्रिस्तान में न करने दिया जाए दफन

ऐलानिया तौबा मांगने के लिए कहा
bareilly@inext.co.in
BAREILLY : तीन तलाक और हलाला को लेकर मचे शोर के बीच दरगाह आला हजरत के दारुल इफ्ता ने ही दरगाह आला हजरत खानदान की बहू निदा खान को काफिर, ऐसा शख्स जो इस्लाम का अनुयायी न हो, करार देते हुए फतवा जारी किया है. शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी ने ऐलानिया तौबा मांगने के लिए कहा है. वह ऐसा नहीं करती तो मुसलमानों से आह्वान किया है कि वे निदा से तमाम तरह के ताल्लुकात खत्म कर लें. यहां तक कि निदा का इंतकाल हो जाए तो उनके जनाजे में नहीं जाएं. कब्रिस्तान में दफनाने भी न दिया जाएगा. जवाब में निदा खान ने भी शहर काजी पर करारा हमला बोला है. तौबा से इनकार करते हुए कहा है कि तौबा तो फतवा देने वालों को मांगना चाहिए.

शहर इमाम मुफ्ती के सवाल के जवाब पर फतवा
शहर काजी ने यह फतवा शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम के सवाल का जवाब देते हुए जारी किया है. शहर काजी ने फतवे में कहा है कि हलाला का जिक्र कुरान में है. हदीस से भी यह साबित है. इसके बावजूद यदि कोई यह कहे कि हलाला महिलाओं पर जुल्म है और इसमें बदलाव की मांग करे तो उसके यह शब्द कुफ्र हैं. यानि उसने अल्लाह और उसके रसूल के फरमान को झुठलाने की कोशिश की है. ऐसे शख्स पर फिर से कलमा पढ़ने का हुक्म लागू होगा. उसे इस्लाम में बने रहने के लिए ऐलानिया घोषित तौर पर तौबा करनी होगी. यदि वह ऐसा नहीं करता तो फिर मुसलमानों पर लाजिमी होगा कि वह निदा का सामाजिक बायकॉट कर दें. न मिलें और न उसके साथ खाएं पियें. बीमारी की हालत में देखने भी नहीं जाएं. वहीं प्रेस कांफ्रेंस में मुफ्ती खुर्शीद आलम ने फरहत नकवी के सवाल पर कहा कि वह शिया समुदाय से हैं. उनका अलग बोर्ड है.

फतवा जारी करने वाले पाकिस्तान चले जाएं: निदा
जवाब में निदा खान ने प्रेस कांफ्रेंस कर फतवे को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन बताते हुए फतवे की आड़ में भीड़ को भड़काने और हत्या की साजिश रचने का इल्जाम लगाया है. निदा ने कहा कि फतवा जारी करने वाले पाकिस्तान चले जाएं. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है, यहां एक साथ दो कानून नहीं चलेंगे. लोग सिर्फ राजनीति चमका रहे हैं. इस्लाम से खारिज करने वाले ये होते कौन हैं. शरीयत पहले वह अपने घर पर जाकर लागू करें फिर आवाम पर लागू करें. क्योंकि उनको शरीयत के नाम पर आवाम को भड़काना आता है. निदा ने कहा कि उन लोगों की इस हरकत से उन्हें नुकसान हो रहा है इसलिए उन पर क्लेम करूंगी.


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