जमीन की पैमाइश के दौरान मठ के पुजारी को गोलियों से भूना

2019-04-04T06:00:19+05:30

- लेखपाल और कानूनगो के सामने बुलेट सवार युवकों ने मारी सात गोलियां

- पुजारी के ड्राइवर को भी मारी हमलावरों ने दो गोली

- 4 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था हमलावर से विवाद

- पुजारी की हत्या के मामले में ग्राम प्रधान और आरोपी गिरफ्तार

LUCKNOW : चिनहट में बुधवार को कुटी आश्रम डेरा खास के पुजारी की जमीन की पैमाइश के दौरान बुलेट सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने पुजारी को करीब सात गोलियां मारी। हमलावरों ने पुजारी के साथ आए ड्राइवर को भी दो गोली मारी। अधिकारियों के सामने हुई दिल दहला देने वाली घटना से वह दहशत में आ गए और भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई। स्थानीय लोगों की सूचना पर चिनहट पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर्स ने पुजारी को मृत घोषित कर दिया, जबकि ड्राइवर का इलाज चल रहा है। हमलावरों से पुजारी का मठ की चार बीघा जमीन को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था और एक साल पहले हमलावरों के खिलाफ पुजारी ने चिनहट थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।

पैमाइश कराने पहुंचे थे पुजारी

चिनहट के सराय शेख नंदपुर गांव निवासी स्वामी दिनेशानंद गिरी उर्फ पलटू दास (40) रेलवे क्रॉसिंग मंदिर के पास कुटी आश्रम डेरा खास मठ का पुजारी थे। दिनेशानंद के परिवार में पत्नी खुशबू बेटा कुशल (12), सानिध्य (6), बेटी सौम्या (10) और सोनू (9) हैं। मंदिर से कुछ दूरी पर ग्राम समाज की जमीन है, जिसकी बुधवार को पैमाइश हो रही थी। पैमाइश के लिए लेखपाल हरीश चंद्र और कानूनगो रामशंकर के अलावा नायब तहसीलदार और प्रधान दिलीप विश्वकर्मा समेत कई लोग मौजूद थे। पैमाइश की कार्यवाही के लिए मंदिर के पुजारी दिनेशानंद अपने ड्राइवर राम सुमिरन के साथ अपनी बोलेरो गाड़ी यूपी 32-जीएच-8682 के साथ वहां पहुंचे थे।

पुजारी को मारी सात गोलियां

दोपहर करीब 1.30 से 2 बजे के बीच पैमाइश की कार्रवाई चल रही थी तभी पुजारी दिनेशानंद की गाड़ी आकर रुकी। इस पर प्रधान दिलीप विश्वकर्मा ने हमलावरों को फोन करके बुलाया। बुलेट से आए दो युवकों ने गाड़ी से उतरते ही पुजारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने पुजारी को करीब सात गोलियां मारी, जिसमें से पांच सीने में और दो सिर में गोली लगी। फायरिंग होते ही ड्राइवर राम सुमिरन ने भागने का प्रयास किया तो बुलेट सवार हमलावरों ने उसके ऊपर भी फायर कर दिया, जिसमें एक गोली उसके कूल्हे पर लगी जबकि दूसरी गोली उसके शरीर को छूकर निकल गई। बुलेट सवार दोनों हमलावरों ने करीब सरेआम करीब दस राउंड गोलियां चलाई और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।

वारदात के बाद दहशत में सरकरी कर्मचारी

हमलावरों ने वारदात को जिस जगह पर अंजाम दिया वहां सरकारी कर्मचारी ग्राम समाज की जमीन की पैमाइश कर रहे थे। सरेआम ताबड़तोड़ गोलियां चलने से सरकारी कर्मचारी भी दहशत में आ गए और अपनी जान बचाने के लिए आस-पास बने घरों में जाकर छिप गए। मौके पर पहुंची पुलिस पुजारी और ड्राइवर को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने पुजारी को मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर एसएसपी कलानिधि नैथानी भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

एक साल पहले दर्ज कराई थी रिपोर्ट

पुजारी दिनेशानंद गिरी के ड्राइवर राम सुमिरन ने बताया कि बुलेट सवार हमलावर चिनहट के सराय शेख नंदपुर गांव निवासी सगे भाई सुशील यादव और राकेश यादव हैं। पुजारी का इनसे काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दिनेशानंद ने एक साल पहले भी दोनों भाइयों के खिलाफ चिनहट थाने में जमीन के कब्जे का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा पुजारी ने डीएम से मिलकर भी शिकायत की थी।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार

घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाकर रवाना कीं। सर्विलांस टीम ने तीन घंटे में पुजारी के हमलावर सुशील यादव को गिरफ्तार किया। वहीं हमलावरों को फोन कर वहां बुलाने वाले ग्राम प्रधान दिलीप विश्वकर्मा को भी पुलिस ने दबोच लिया। टीम उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि दिनेशानंद जिस मंदिर के पुजारी थे, वह जमीन भी ग्राम समाज की है और इसी जमीन को लेकर पुजारी का हमलावर सुशील यादव से लंबे से समय से विवाद चल रहा था।

inextlive from Lucknow News Desk


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