निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने को फीस एक्ट का मसौदा तैयार

2019-06-13T06:00:29+05:30

- एजुकेशन मिनिस्टर अरविंद पांडे ने वेडनसडे को फीस एक्ट का मसौदा रखा सामने

- हर डिस्ट्रिक्ट में फीस तय करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी

- 15 दिनों में तय होगी हर डिस्ट्रिक्ट के निजी स्कूलों की फीस

- हर डिस्ट्रिक्ट में डीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित, कमेटी में होंगे 6 सदस्य

- कैबिनेट में लाने के बाद जुलाई से लागू होगा फीस एक्ट

- फीस एक्ट के निर्धारण के लिए बनाई गई कमेटी को कोई भी दे सकता हैं अपना सुझाव

- कमेटी के निर्णयों के खिलाफ सुनवाई के लिए सचिव विद्यालयी शिक्षा की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अपीलीय प्राधिकरण गठित

DEHRADUN: स्कूलिंग इमेज को सुधारने और एजुकेशन माफिया पर लगाम लगाने के लिए स्टेट गवर्नमेंट निजी स्कूलों के लिए जल्द फीस एक्ट लागू करने जा रही है। वेडनसडे को एजुकेशन मिनिस्टर अरविंद पांडे ने फीस एक्ट का मसौदा सामने रखा। अरविंद पांडे ने कहा कि उत्तराखंड स्टेट की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए हर डिस्ट्रिक्ट की फीस को तय करने के लिए डिस्ट्रिक्ट लेवल पर ही डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। जो 15 दिन में फीस निर्धारित करेगी। इसके बाद जुलाई में फीस एक्ट लागू कर दिया जाएगा। फीस एक्ट में ओपन सुझाव का भी प्रावधान रखा गया है। जिसमें कोई भी अपना सुझाव 15 दिनों के भीतर इस कमेटी के सामने रख सकता है।

निजी स्कूलों की रुकेगी मनमानी

लम्बे इंतजार के बाद उत्तराखंड के निजी स्कूलों में फीस निर्धारण के लिए स्टेट गवर्नमेंट ने उत्तराखंड सेल्फ फाईनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल (रेग्युलेशन ऑफ फीस) एक्ट का मसौदा तैयार कर लिया है। वेडनसडे को सचिवालय में एजुकेशन मिनिस्टर अरविंद पांडेय ने एजुकेशन डिपार्टमेंट की समीक्षा बैठक में फीस एक्ट के संबंध में अधिकारियों के साथ चर्चा की। एजुकेशन मिनिस्टर ने बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी को रोकने के लिए एजुकेशन डिपार्टमेंट प्री-प्राइमरी से लेकर सीनियर सेंकेंड्री की क्लासेज का अधिकतम शुल्क निर्धारित करेगी। हर डिस्ट्रिक्ट में फीस निर्धारण के लिए डीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। यह समिति फीस को लेकर स्कूलों की आपत्तियों का निस्तारण करेगी। इस समिति का कार्यकाल दो वर्ष का रहेगा। इसके निर्णयों के विरुद्ध राज्य स्तरीय अपीलीय प्राधिकरण में जाया जा सकता है। छह सदस्यीय प्राधिकरण सचिव विद्यालयी शिक्षा की अध्यक्षता में गठित किया जाएगा। इस एक्ट में अधिक फीस वसूलने की शिकायत पर दंड का भी प्रावधान किया गया है।

फीस एक्ट के लिए बनाई कमेटी

डीएम, सीईओ, डीएम द्वारा नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, पैरेंट और किसी स्कूल का प्रबंधक या प्रिंसिपल

राज्य विनियामक प्राधिकरण

सचिव विद्यालयी शिक्षा, शिक्षा निदेशक, शिक्षा सचिव द्वारा नामित चार्टर्ड अकाउंटेंट, पीडब्ल्यूडी का अभियंता, पैरेंट और निजी स्कूल का प्रिंसिपल या प्रबंधक

फीस एक्ट को लेकर हमने पहला कदम बढ़ाया है। पूरे स्टेट में डिस्ट्रिक्ट लेवल पर कमेटी बना दी गई है। 15 दिन में टीम वेरिफिकेशन कर फीस निर्धारित करेगी।

- अरविंद पांडे, एजुकेशन मिनिस्टर

- स्टेट में निजी स्कूल- करीब साढ़े 9 हजार

- निजी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स- करीब साढ़े 6 लाख

4000 पदों पर वॉक इन इंटरव्यू

स्टेट के गवर्नमेंट स्कूलों में रिक्त पड़े एलटी और प्रवक्ता के लगभग 4000 पदों को वॉक इन इंटरव्यू के जरिये अस्थायी तौर पर भरने का निर्णय लिया गया है। जिसकी भर्ती प्रिंसिपल व स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) द्वारा की जाएगी। इसमें पात्रता पूरी करने वाले स्थानीय युवाओं को वरीयता दी जाएगी। एजुकेशन मिनिस्टर अरविंद पांडे ने समीक्षा बैठक में बताया कि इन टीचर्स को 15 हजार रुपये प्रति माह सैलरी दी जाएगी।

inextlive from Dehradun News Desk


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