बालू तस्करी में बड़ी कार्रवाई 50 ट्रक जब्त

2019-01-23T06:01:04+05:30

- ओवरलोड बालू लाद यूपी जा रहे ट्रकों को अधिकारियों ने पकड़ा

BUXAR/PATNA: बक्सर जिले में अवैध बालू का कारोबार खूब फल- फूल रहा है। जांच में लगे पदाधिकारियों की मिलीभगत से बिहार का बालू धड़ल्ले से यूपी भेजने की प्रक्रिया जारी है। इसकी सूचना मिलते ही मंगलवार को सदर डीएसपी और सदर एसडीओ की संयुक्त कार्रवाई में बालू लदे 50 ट्रकों को जब्त कर सभी पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से बालू कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

मंगलवार की सुबह अचानक सदर डीएसपी सतीश कुमार को काफी संख्या में बालू लदे ओवरलोड ट्रकों के आने की गुप्त सूचना मिली थी। सदर डीएसपी सतीश कुमार ने तत्काल सदल बल चौसा राजपुर मार्ग पर छापेमारी शुरू कर दी। 20 से अधिक ट्रकों को जब्त कर लिया था। तब तक सूचना मिली कि प्रशासन के इस कार्रवाई की खबर मिलते ही पीछे से आनेवाले ट्रकों को चालकों ने आस- पास के गांवों में छिपा दिया है। सूचना के बाद गांवों को घेरकर छापेमारी करते हुए करीब 50 से अधिक ट्रकों को पकड़ा गया। इस संबंध में सदर एसडीओ केके उपाध्याय ने बताया कि अब तक 50 ट्रकों को जब्त कर लिया गया है। आगे अभी जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। उम्मीद है कि संख्या अभी और भी बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि सभी ओवरलोड ट्रकों पर खनन विभाग द्वारा 35 हजार और परिवहन विभाग द्वारा अलग 35 हजार रुपए जुर्माना किया जा रहा है। इस दौरान एक साथ इतनी अधिक संख्या में वाहनों के जमा होने से कुछ देर के लिए यातायात की समस्या उत्पन्न हो गई थी।

मिलीभगत से हो रहा धंधा

सूत्रों की मानें तो बालू के अवैध कारोबार में सबकुछ मिलीभगत के द्वारा संचालित हो रहा है। जिसमें बालू तस्करों के साथ ही जांच में लगे खनन विभाग के साथ अन्य लोगों की भी बराबर की हिस्सेदारी है। अधिकारियों द्वारा वाहन जब्त करने के बाद भी मिलीभगत का खेल खेलने के अपने अलग दांव पेंच हैं। जिनका इस्तेमाल करने के बाद अधिकारियों को संदेह भी नहीं होता और पदाधिकारियों के साथ कारोबारियों कीच्भी अच्छी कमाई हो जाती है।

कमीशन से कम हो जाता है जुर्माना

एक चालक ने बताया कि महज दस हजार रुपए कमीशन दे देने के बाद आसानी से 18 से 20 हजार के चलान पर काम हो जाता है। जबकि, किसी को कानों कान खबर भी नहीं होती। इसमें दोनों का फायदा हो जाता है। जबकि, कमीशन नहीं देने की स्थिति में 60 से 70 हजार जुर्माना भरना पड़ जाता है। इसके लिए वाहन के चक्का के हिसाब से कमीशन का अलग- अलग रेट तय है.

inextlive from Patna News Desk


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.