बरेली में भी सूरत जैसे हादसे के इंतजाम मिले पूरे

2019-05-26T02:40:11+05:30

सूरत में कोचिंग सेंटर में हादसे के बाद सेटरडे को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की टीम ने शहर की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में आग से बचाव के इंतजामों का रियलिटी चेक किया

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BAREILLY : सूरत में कोचिंग सेंटर में हादसे के बाद सेटरडे को दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की टीम ने फायर विभाग के अधिकारियों के साथ शहर की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में आग से बचाव के इंतजामों का रियलिटी चेक किया। रतनदीप कॉॅम्पलेक्स, जेजे मॉल और कृष्णा पैलेस बिना फायर विभाग के एनओसी के ही बनकर तैयार हो गए। इन कॉम्प्लेक्स में आग से बचाव के लिए हाइडे्रंट, फायर एस्टिंग्यूशर, पंप हाउस और सक्शन पाइप आदि एक भी उपकरण नहीं मिले। जबकि इनमें कई कोचिंग और दुकानें संचालित हैं। यहां पर डेली हजारों लोगों का आना-जाना होता है। हैरत की बात है कि न तो कॉप्लेक्स ऑनर ने आग से बचाव के इंतजाम किए और न ही कोचिंग संचालकों ने जहमत उठाई।

आकाश इंस्टीट्यूट में लगे एक्सपायरी फायर एस्टिंग्यूशर
फायर विभाग के मुताबिक, रतनदीप कॉम्प्लेक्स में संचालित आकाश इंस्टीट्यूट में चार साल पहले फायर एस्टिंग्यूशर लगाए गए थे, जोकि एक्सपायरी हो गए हैं। कोचिंग संचालक ने न तो बदलने की जहमत उठाई और न ही उन्हें रीफिल कराने की। वहीं हाइड्रेंट में नोजेल नहीं लगे थे। साथ ही पंप हाउस भी नहीं बना था, जिससे आग लगने पर बुझाया जा सके। जबकि कोचिंग में 500 स्टूडेंट्स पढ़ने के लिए आते हैं। वहीं प्रबंधक विपिन कुमार का कहना है कि फायर फाइटिंग के मानक क्या हैं इसका अंदाजा नहीं था। अब व्यवस्था चाक चौबंद कर ली जाएगी।

महिंद्रा में इमरजेंसी एग्जिट नहीं, फायर एस्टिंग्यूशर भी नदारद
जेजे मॉल के सेकेंड फ्लोर पर महिंद्रा कोचिंग संचालित है। इसमें करीब 800 बच्चें पंजीकृत हैं। कोचिंग से निकलने के लिए एक ही एक्जिट है। वहीं तीन-चार हॉल की कोचिंग में एक भी फायर एस्टिंग्यूशर नहीं मिला। फायर विभाग ने 12 अप्रैल को भी कोचिंग का निरीक्षण किया था मानक अपूर्ण मिलने पर डीएम व क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को संस्थान बंद करने के लिए पत्र भी भेजा था, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान तक नहीं दिया। वहीं इस दौरान कोचिंग के मैनेजर मौजूद नहीं थे। फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया पर हो न सका।

आईसीए में फायर एस्िटग्यूशर तो लगाया पर हाइड्रेंट गायब
अकाउंट इंस्टीट्यूट आईसीए में निरीक्षण के दौरान फायर एस्टिंग्यूशर तो लगा पर हाइड्रेंट और एग्जिट गेट आदि नहीं मिला। क्लासेस में एक भी फायर सिलिंडर तक नहीं लगा हुआ था। जबकि रोजाना करीब 300 स्टूडेंट यहां कोचिंग लेने आते हैं। वहीं प्रबंधक अभिषेक शुक्ल का कहना है कि मेरा इंस्टीट्यूट दूसरे फ्लोर पर है। पूरे काम्पलेक्स में सिर्फ मैंने ही फायर फाइटिंग के उपकरण लगाए हैं। कई बार ओनर से फायर उपकरण की पुख्ता व्यवस्था कराने को कहा, लेकिन कोई इंतजाम नहीं किए गए।

एक्सीलेंट और अमेरिकन इंस्टीट्यूट में फायर सिलिंडर चलाने पर निकल गया पाइप
काम्पलेक्स के थर्ड फ्लोर पर एक्सीलेंट आइएएस एकेडमी और अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ लैंग्वेज कोचिंग संचालित है। यहां करीब 100 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके परिसर में फायर सिलिंडर तो लगे थे, लेकिन कई साल बीतने से उसकी गैस तक सूख गई थी। जब फायर ऑफीसर ने कोचिंग संचालक से फायर सिलिंडर यूज करने को कहा तो दीवार से उतारते ही उसका पाइप हाथ में आ गया। वहीं प्रबंधक अजीत सिंह का कहना है कि इंस्टीट्यूट में एक सप्ताह के अंतराल में ही फायर फाईटिंग और फायर एक्स्टीग्यूशर लगवा दिए जाएंगे, जो भी कमियां पाई गई है इनकों दुरुस्त कर लिया जाएगा। एक अन्य गेट बनवाने के लिए भी ओनर से बात की जाएगी।

पीएमटी में हाइड्रेंट नहीं, बाहर जाने का सिर्फ एक ही रास्ता
फोर्थ फ्लोर पर चल रहे पीएमटी कॉलेज पहुंची तो इसका पूरा फ्लोर लकड़ी से बना हुआ था। वहीं बाहर निकलने के लिए एक ही दरवाजा था। ऐसे में अगर आग भड़कती है तो कॉलेज से निकलना तक दूभर हो जाएगा। इस पूरे काम्पलेक्स में जो हाइड्रेंट लगे थे, वह जर्जर थे। पूरे कॉम्पलेक्स में कहीं भी आग से निपटने के कोई इंतजाम नहीं थे।

बेसमेंट में शरद कोचिंग, एक भी फायर उपकरण नहीं
शहर के पॉश इलाके रामपुर गार्डन में संचालित शरद कोचिंग में कक्षा एक से लेकर दसवीं तक के करीब 300 बच्चे पंजीकृत हैं। कोचिंग में फायर फाइटिंग उपकरण तो नदारद थे ही वही बेसमेंट में कक्षाएं संचालित हो रही थी। जिस पर एफएसओ ने फौरन बेसमेंट से क्लासेस शिफ्ट करने और फायर फाइटिंग उपकरण लगवाने के निर्देश दिए। वहीं संचालक शरद कुमार का कहना है कि बेसमेंट में क्लासेस नही चला सकते इसकी जानकारी नहीं थी, कोचिंग को शिफ्ट कर लिया जाएगा। वही फायर उपकरण भी फौरन लगाव दिए जाएंगे।

फ्लीम्गो कोचिंग में रास्ता संकरा और फायर इस्टिंग्यूशर भी नहीं
कृष्णा पैलेस के टॉप फ्लोर पर संचालित यह फ्लीम्गो इंस्टीट्यूट अभी निर्माणाधीन है, लेकिन इसमें जो क्लासेस बनाई जा रही हैं वह वूडन से तैयार की जा रही हैं। वही निकलने का रास्ता इतना संकरा है कि इसके गेट से दो लोग एकसाथ नहीं निकल सकते हैं। पूरे परिसर से फायर फाइटिंग के उपकरण नदारद थे। वहीं फ्लीम्गो इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राजकुमार का कहना है कि जो भी कमियां फायर विभाग की ओर से बताई गई हैं इनको फौरन दुरुस्त कराया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंप दी जाएगी।

कोचिंग सेंटर के संचालकों को मानक पूर्ण कर इसकी सूचना विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं काम्पलेक्स ओनर्स को एक सप्ताह में मानक पूर्ण कर रिपोर्ट देने को कहा गया, एक सप्ताह बाद दोबारा निरीक्षण में अगर मानक अपूर्ण मिलते है तो काम्पलेक्स को बंद करने के लिए बीडीए और डीएम को पत्र भेजा जाएगा।

सोमदत्त सोनकर, एफएसओ

ओनर्स से बात

1. काम्पलेक्स में पंप हाऊस बनाने के लिए काफी दिनों से योजना चल रही थी। जो भी कमियां पाई गई इनको फौरन दुरुस्त कराया जाएगा।

वैभव अग्रवाल, ओनर रतनदीप काम्पलेक्स

 

2. महेंद्रा कोचिंग के संचालक से कई बार फायर फाइटिंग उपकरण और मानक पूर्ण करने को लेकर बात हुई लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। फायर ऑफीसर ने रास्ते की कमी बताई है इसका निर्माण कराया जाएगा।

आरएस जुनेजा, ओनर जेजे मॉल।

 

3. पैलेस में कई साल पहले ही हाइड्रेंट बनवाए थे लेकिन पंप हाऊस नहीं बना सके। निरीक्षण में जो भी दिशा-निर्देश मिले है उन पर फौरन अमल कर कमियां दूर कराई जाएंगीं।

सुधांशु अग्रवाल, ओनर, कृष्णा पैलेस।


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