यूएसइंडिया 2+2 वार्ता दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद भारत को ये हुए फायदे

2018-09-07T12:19:36+05:30

भारत और अमेरिका के बीच नई दिल्ली में गुरुवार को बातचीत हुई। दोनों देश ने राजनीतिक और रक्षा संबंधों को गहरा बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किये।

नई दिल्ली (पीटीआई)। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामण ने गुरुवार को नई दिल्ली में 2+2 वार्ता के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री जैम्स मैटिस से बातचीत की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने ऐतिहासिक संचार संगतता और सुरक्षा समझौते (COMCASA) सहित भारत-अमेरिका संबंधों को गहरा बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। 2+2 वार्ता में भारत के रूस और ईरान से संबंध, आतंकवाद, एच 1 बी वीजा जैसे खास मुद्दों पर बातचीत हुई, दोनों देशों ने COMCASA समझौते पर भी हस्ताक्षर किए।  

COMCASA समझौते पर हस्ताक्षर

COMCASA समझौते के तहत अमेरिका भारत को अपने एडवांस्ड सुरक्षा तकनीकों को बेच सकेगा। इस रक्षा संचार तकनीक से भारत हिंद महासागर में चीन की पनडुब्बियों पर नजर रख सकेगा। इस समझौते की अवधि सिर्फ 10 साल तक है। इस समझौते के बाद भारत, अमेरिका से ऐसी सुविधा पाने वाला पहला गैर नाटो देश बन गया है। भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस समझौते के बाद कहा कि इससे भारत की रक्षा क्षमता और बढ़ जाएगी।
एच-1बी वीजा मुद्दा
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, 'मैंने अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपियो से कहा है कि ट्रंप और मोदी के बीच की मित्रता को देखते हुए भारत के लोगों को लगता है कि अमेरिका भारत के खिलाफ कोई काम नहीं करेगा। मैंने अमेरिकी विदेश मंत्री से कहा है कि वे भारत के लोगों की इन भावनाओं का सम्मान करें। बता दें कि अमेरिका में एच-1बी वीजा के तहत भारत के लाखों आईटी प्रोफेशनल्स काम करते हैं।
पाकिस्तान के मुद्दे पर चर्चा
अमेरिका ने गुरुवार को बैठक में पाकिस्तान से चल रहे आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत का साथ देने की बात कही। सुषमा स्वराज ने अमेरिकी मंत्रियों के सामने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 26/11 हमले की 10वीं वर्षगांठ पर हम उसके गुनहगारों को सजा दिलाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। स्वराज ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने वाली अपनी नीति को रोकने की बात कही है।
तेल आयात पर भारत पर भी सख्ती
अमेरिका ने बैठक में भारत के रूस और ईरान के संबंधों पर भी चर्चा की। अमेरिकी विदेश मंत्री पोंपियो ने कहा कि हम भारत और रुस के संबंधों की अहमियत को समझते हैं लेकिन ईरान के साथ तेल आयात करने पर भारत को अमेरिका के रुख में कोई नरमी नहीं देखने को मिलेगी। अमेरिका चाहता है कि भारत ईरान से तेल खरीदना बंद करे। पोंपियो ने यह कहा कि सिर्फ भारत ही नहीं अन्य देश भी अगर 4 नंवबर तक ईरान के साथ तेल संबंधों को खत्म नहींज करते, तो प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा। इसपर भारत ने कहा कि वह अपने जरूरतों के मुताबिक से इसे तय करेगा। हालांकि अमेरिका ने यह साफ कर दिया कि अगर भारत रूस से मिसाइल खरीदता है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी।
भारत को नहीं किया जायेगा दंडित
गौरतलब है कि भारत ने रूस से पांच एडवांस्ड एस-400 नाम का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने की योजना बनाया है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 40,000 करोड़ रुपये है। यह खरीद अमेरिका द्वारा स्थापित प्रतिबंध अधिनियम कानून सीएएटीएसए का उल्लंघन है। पोंपियो ने कहा कि अभी तक इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन हमारी कोशिश है कि भारत जैसे प्रमुख रक्षा भागीदार को दंडित नहीं किया जाए।

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