होली खेलकर गंगा नहाने पहुंचे पांच दोस्त डूबे तीन की मौत

2019-03-23T06:00:40+05:30

-जाजमऊ घाट पर हुआ हादसा, डूबते दोस्त को बचाने के लिए एक-एक कर सभी गहरे पानी में चले गए

-दो दोस्तों को गोताखोरों ने किसी तरह बता लिया, तीन के अगले दिन बरामद हुए शव, घरों में पसरा मातम

KANPUR : होली की मस्ती और हुड़दंग में कई परिवारों की खुशियों पर हमेशा के लिए ग्रहण लग गया। गुरुवार को होली की परेवा पर रंग खेलने के बाद गंगा में नहाने पहुंचे पांच दोस्त डूब गए। इनमें से दो को तो गोताखोरों ने किसी तरह बचा लिया लेकिन तीन की जान चली गई। इन युवकों की मौत की खबर जैसे ही उनके घरों में पहुंची तो होली की खुशियां मातम में बदल गई।

खुद को संभाल नहीं सके

मंगला विहार निवासी राहुल (24) प्राइवेट काम करता था। राहुल की गणेशपुर निवासी शिवम मिश्रा, रोहित, दीपक और बड़े से दोस्ती थी। पांचों दोस्त होली खेलने के बाद जाजमऊ घाट गंगा नहाने पहुंच गए थे। पांचों नहाते हुए आपस में खेल रहे थे। इस बीच राहुल गहरे पानी में चला गया। उनको बचाने के लिए शिवम और रोहित आगे बढ़े तो खुद के संभाल नहीं सके और वे भी गहरे पानी में डूबने लगे। इसके दीपक और बड़े भी दोस्तों की जान बचाने के लिए गहरे पानी में चले गए।

देर शाम तक करते रहे तलाश

घाट में मौजूद अन्य लोग युवकों को डूबता देख उनकी मदद के लिए शोर मचाने लगे। जिसे सुनकर तीन गोताखोर गंगा में कूद गए। वे बड़ी मशक्कत के बाद दीपक और बड़े को बचाकर बाहर निकाल लाए, लेकिन राहुल, शिवम और रोहित का कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रोते हुए घाट पहुंच गए। वे देर शाम तक बच्चों की तलाश करवाते रहे, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह गोताखोरों को दोबारा गंगा में उतारा गया तो तीनों के शव बरामद हो गए।

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अब किसको राखी बांधूंगी

गंगा में डूबा रोहित मोतीलाल शर्मा का इकलौता बेटा था। मोती प्राइवेट काम करते हैं। परिवार में पत्नी गौरी और बेटी शोभा है। शोभा को भाई की मौत का पता चला तो वह सदमे में चली गई। भाई दूज के दिन उसका शव देखकर वह बिलख बिलख कर रोने लगी। रोते हुए वह बोल रही थी कि अब किसको राखी बांधूंगी।

अब कौन काम में साथ देगा

गंगा में डूबा राहुल मंगला विहार निवासी पप्पू सोनी का बेटा था। पप्पू का कांच के ग्लास का काम है। राहुल के परिवार में पिता के अलावा मां सीमा, बहन लक्ष्मी और चार भाइ संतोष, करन, अर्जुन व अरुण हैं। राहुल पिता के काम में हाथ बंटवाता था। राहुल की मौत से पिता पप्पू रो-रोकर बेहाल हो गए। वह रोते हुए बोल रहे थे कि अब कौन काम में उनका साथ देगा।

inextlive from Kanpur News Desk


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