कैंपटी में बाढ़ 21 दुकानें क्षतिग्रस्त टूरिस्ट्स की आवाजाही बंद

2018-09-04T06:00:02+05:30

- कैंपटी में फंसे टूरिस्ट्स को पुलिस ने किया रेस्क्यू

- कैंपटी फॉल की कुंड मलबे से भरा, नुकसान का लिया जा रहा जायजा

- कैंपटी सहित अन्य फॉल में भी टूरिस्ट्स की एंट्री बैन

देहरादून : मसूरी के कैंपटी फॉल में बाढ़ से 21 दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बाढ़ के साथ आए मलबे से कैंपटी का कुंड भी भर गया है। बारिश के इस कहर के चलते मंडे को कैंपटी बाजार बंद रहा। सुरक्षा के लिहाज से यहां टूरिस्ट्स की आवाजाही फिलहाल बंद कर दी गई है और मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है।

टूरिस्ट्स की आवाजाही की गई बैन

2013 के बाद यह पहला मौका है जब कैंपटी फॉल में बाढ़ आई हो। टिहरी की डीएम सोनिका ने बताया कि टिहरी जिले में कैंपटी के अलावा अन्य वाटर फॉल में भी पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। यह आदेश बरसात के सीजन तक जारी रहेगा। रविवार की शाम मसूरी में मूसलधार बारिश के बीच फॉल में एकाएक उफान आ गया। बहाव इतना विकराल था कि बड़े- बड़े पत्थर और मलबा उसमें आने लगे। इससे वहां मौजूद पर्यटकों और दुकानदारों में अफरा- तफरी मच गई। मलबा आसपास की दुकानों में घुस गया। सैलाब में ढाबों के बर्तन, मेज- कुर्सियां, राशन, गैस सिलेंडर बह गए। मुख्य झरने के ऊपर पर्यटकों के लिए बने हवाघर भी मलबे से पटे हुए हैं।

टूरिस्ट्स को किया रेस्क्यू

कैंपटी फॉल में बाढ़ के दौरान वहां करीब 100 टूरिस्ट्स मौजूद थे। बाढ़ के चलते टूरिस्ट्स कैंपटी में फंस गए। पुलिस मौके पर पहुंची और रस्सियों के सहारे टूरिस्ट्स को वहां से निकाला गया। डीएम सोनिका ने बताया कि धनोल्टी के तहसीलदार दयाल सिंह भंडारी को नुकसान का जायजा लेने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बताया कि कैंपटी में मरम्मत कार्य में समय लगेगा।

रोपवे का संचालन भी बंद

बाढ़ से पिलर क्षतिग्रस्त होने के कारण कैंपटी में रोपवे का संचालन बंद कर दिया गया है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार वर्ष 2011 और 2013 में भी झरने ने विकराल रूप धारण किया था, लेकिन तब भी ऐसा नुकसान नहीं हुआ, जैसा इस बार हुआ है.

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बदरीनाथ, मलारी हाईवे बंद

रविवार को बदरीनाथ के निकट लामबगड़ में हाईवे का 30 मीटर हिस्सा बहने के बाद यहां पर आवाजाही बहाल नहीं हो पाई है। यात्रियों को पैदल ही तीन किलोमीटर की दूरी नाप वैकल्पिक मार्ग से आवाजही करनी पड़ रही है। इसके अलावा चीन सीमा को जोड़ने वाला जोशीमठ- मलारी हाईवे तीसरे दिन भी नहीं खुल पाया है। प्रदेश में भूस्खलन से करीब 100 संपर्क मार्गो पर आवाजाही बाधित है.

आज से राहत देगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से मौसम के तेवर नरम पड़ने लगेंगे। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार मंगलवार को देहरादून और मसूरी में कुछ देर के लिए तेज बौछारें पड़ सकती हैं। शेष राज्य में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मानसून अभी एक पखवाड़े और रहेगा.

inextlive from Dehradun News Desk


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