बच्चों के लिए मदर इण्डिया से कम नहीं मां

2016-08-24T07:40:48+05:30

- जान बचाने के लिए जोखिम में डालती हैं अपनी जान

- बाढ़ में महिलाओं की हिम्मत देख आंखों में आ जाता है आंसू

PATNA: बाढ़ में मां की ममता की अनूठी मिसाल देखने को मिली है। बाढ़ के पानी से बचाने के लिए मां बच्चों को एक पल भी नजर से ओझल नहीं होने दे रही है। मंगलवार को आई नेक्स्ट की बाढ़ की पड़ताल के दौरान एक ऐसी मां कैमरे में कैद हुई जो किसी मदर इंडिया से कम नहीं थी। मासूम बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए उसने अपनी जान जोखिम में डाल दी। ऐसी मां को हर कोई सलाम कर रहा था।

- केले के पेड़ से बनाया नाव

नीतू तेरसिया गांव की निवासी है और बाढ़ से पूरी तरह से घिर गई है। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए वह कई दिनों से उधेड़बुन कर रही थी। सामान खरीदने के लिए जाने पर भी वह बच्चों को साथ लेकर उसी नाव से जाती है। नीतू का कहना है कि उसके तीन बच्चे हैं। पिंटू, बिट्टी और रीतू तीनों को वह अपने से अलग नहीं होने देती है। घर के आस पास 8 फिट गहरा पानी है और कोई भी घटना हो सकती है। यहां तक सरकारी नाव भी नहीं आ रही है।

- खतरनाक सवारी कर बच्चों को सुरक्षित पहुंचाया

केले के पेड़ों को और बांस के सहारे बनाई गई नाव पर वह मंगलवार को दिखी। बड़े बांस से वह नाव को जोर लगाकर आगे बढ़ा रही थी। बच्चे भी काफी हिम्मत दिखा रहे थे। वह शात होकर बैठे थे। बच्चों की सुरक्षा के लिए वह सड़क के किनारे तक गई और फिर खाने पीने का सामान लेकर वापस लौटी। उसकी हिम्मत को देख हर कोई दंग था।

- लोगों के लिए सहारा है केले की नाव

क्षेत्र के अधिकतर लोग हाथ से केले की नाव बनाए हैं और उसी से आ जा रहे हैं। ये काफी खतरनाक है और थोड़ा सा इधर उधर होने से डूबने का खतरा रहता है। नीतू की हिम्मत माननी होगी। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वह घर में अकेले रहती है और बच्चे काफी छोटे छोटे हैं। इसलिए वह उन्हें हमेशा साथ लेकर हर खतरे को चुनौती देती चलती है।

inextlive from Patna News Desk


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