तिमली के जंगल में गुलदार व चीतल की मौत

2019-04-29T06:00:25+05:30

DEHRADUN: कालसी वन प्रभाग की तिमली रेंज में गुलदार व चीतल की मौत होने से वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रेंज की कुल्हाल बीट के कक्ष संख्या 7ए में आपसी संघर्ष में मादा गुलदार ने दम तोड़ दिया। रविवार को दो पशु चिकित्सकों के पैनल ने मृत गुलदार का पोस्टमार्टम किया और उसे नष्ट कर दिया। उधर, तिमली रेंज के मटक माजरी जंगल में ढांग से गिरकर घायल चीतल ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

फायर सीजन के चलते रविवार को वन प्रभाग के श्रमिक तिमली रेंज की कुल्हाल बीट के कक्ष संख्या 7ए में झाडि़यां साफ कर रहे थे, इसी बीच उन्हें मृत अवस्था में पड़ा एक गुलदार दिखाई दिया। सूचना मिलने पर तिमली रेंजर पूजा रावल मय टीम मौके पर पहुंची। रेंजर ने मामले की जानकारी प्रभागीय वनाधिकारी एसपी शर्मा, एसडीओ रंगनाथ पांडे को दी। मादा गुलदार की उम्र एक साल बताई जा रही है। जबकि मौत दो तीन दिन पहले की बताई जा रही है। मृत गुलदार का पोस्टमार्टम राजाजी नेशनल पार्क की चिकित्सक डॉ। दीप्ति अरोड़ा व देहरादून के पशु चिकित्सक डॉ। राजेश नौटियाल ने किया। डीएफओ, एसडीओ व रेंजर की मौजूदगी में पोस्टमार्टम होने के बाद उसके शव को जलाकर नष्ट किया गया। रेंजर पूजा रावल के अनुसार गुलदार की मौत की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया गुलदार की मौत का कारण आपसी संघर्ष प्रतीत हो रहा है।

उधर, तिमली रेंज के मटक माजरी जंगल में कुछ दिन पहले ढांग से गिरकर एक चीतल घायल हो गया था। चीतल का रेंज कार्यालय में उपचार कराया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। चीतल की उम्र दो से तीन साल बताई जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी एसपी शर्मा ने बताया कि उपचार के बाद भी चीतल की हालत में सुधार नहीं आया था।

inextlive from Dehradun News Desk


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