गलत रीडिंग का टेंशन भूल इस गर्मी में रहें कूल

2019-04-11T06:00:02+05:30

नंबरगेम

2 जोन में बंटा है लेसा

8 लाख से अधिक उपभोक्ता

7 और 15 तारीख को बनता है बिल

2 डिवीजन में ट्रायल शुरू

- गलत बिजली का बिल आने की समस्या से लोगों को मिलेगी राहत

- दो से तीन डिवीजन में शुरू हुआ ट्रायल, एक माह बाद स्थिति होगी साफ

abhishekmishra@inext.co.in

LUCKNOW गलत रीडिंग के कारण अधिक बिल आने से परेशान होने वाले उपभोक्ताओं को राहत मिलने जा रही है। उनका बिजली का मीटर भले ही गलत रीडिंग दे लेकिन जो बिल जाएगा, वह सही रीडिंग के आधार पर ही होगा। इससे लोगों को बिल ठीक कराने के लिए सब स्टेशनों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।

आती हैं शिकायतें

हर माह इस तरह की शिकायतें आती हैं कि लोगों के घरों में खपत से ज्यादा बिजली का बिल भेजा गया है। सब स्टेशनों के चक्कर लगाने के बाद भी उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं होती है। जिसके चलते लोगों को गलत रीडिंग के आधार पर ही बने बिल को जमा करना पड़ता है।

बिल ठीक करने के मामले बढ़े

गलत रीडिंग आने के बाद बिल को दोबारा ठीक करने के मामले बढ़ रहे हैं। इससे डिपार्टमेंट की छवि तो खराब हो ही रही है साथ ही उसे राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। वहीं लोगों को बिल जमा करने का टाइम गुजरने के बाद उसे जमा करने पर सरचार्ज भी देना पड़ता है।

नहीं चलेगी मनमानी

कुछ मामले ऐसे भी सामने आते हैं, जिसमें मीटर रीडर गलत रीडिंग ले आते हैं या फिर रीडिंग ही नहीं लेते हैं। उनकी ओर से औसत रीडिंग भर दी जाती है। इसका भी उपभोक्ताओं की जेब पर काफी असर पड़ता है। कई बार मीटर रीडर उपभोक्ता से सेटिंग करके रीडिंग में हेरफेर कर देते हैं। उपभोक्ता को उस समय तो समझ नहीं आता है लेकिन जब दो से तीन माह बाद कोई दूसरा मीटर रीडर रीडिंग ले जाता है तो सारी गड़बड़ी सामने आ जाती है। जिसके बाद उपभोक्ता को रीडिंग गैप के हिसाब से पैसा जमा करना पड़ता है।

यह है नई व्यवस्था

मध्यांचल डिस्कॉम में उपभोक्ता को सही बिल देने के लिए नई व्यवस्था पर काम हो रहा है। नई व्यवस्था में यह स्पष्ट है कि जब मीटर रीडर रीडिंग लेने के लिए किसी के घर जाता है और इस दौरान उपभोक्ता या मीटर रीडर को लगता है कि पिछले माह की रीडिंग से इस बार की रीडिंग अलग है तो वह उपभोक्ता को पर्ची नहीं देगा। वह पर्ची एसडीओ या एक्सईएन ऑफिस में देगा। जहां पिछली दो से तीन माह और औसत रीडिंग के बेस पर एक्यूरेट बिल जेनरेट किया जाएगा और इसे उपभोक्ता के पास भेजा जाएगा।

बाक्स

नई व्यवस्था की खास बातें

1-गलत रीडिंग पर भी मिलेगा सही बिजली का बिल

2-बिल ठीक कराने के लिए नहीं लगाने होंगे सब स्टेशन के चक्कर

3- मीटर रीडर की मनमानी पर अंकुश

4- उपभोक्ता की जेब पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त भार

दो डिवीजन में ट्रायल

मध्यांचल प्रशासन की ओर से चौक और हुसैनगंज डिवीजन में शुरू हुए इस ट्रायल का अच्छा रिस्पांस सामने आया है। दोनों डिवीजन में एक माह तक ट्रायल के बाद इसे बाकी डिवीजनों में लागू किया जाएगा।

वर्जन

गलत रीडिंग से लोग परेशान न हों, इसलिए यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था से उपभोक्ता के पास रक्यूरेट रीडिंग के हिसाब से ही बिल भेजा जाएगा। इसे लेकर दो डिवीजन में ट्रायल शुरू किया गया है।

संजय गोयल, एमडी, मध्यांचल डिस्कॉम

inextlive from Lucknow News Desk


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