यूपी मनरेगा घोटाले में पूर्व आईएएस को जाना होगा जेल

2018-10-12T11:58:48+05:30

सीबीआई की चार्जशीट के बाद अब कोर्ट में इंतजार करना होगा। पूर्व आईएएस सच्चिदानंद दुबे पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगा है। बलरामपुर में मनरेगा के बजट से स्टेशनरी और जनरेटर खरीदी गई थी।

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LUCKNOW : बलरामपुर जिले में मनरेगा घोटाले में फंसे पूर्व आईएएस सच्चिदानंद दुबे को जेल जाना पड़ेगा। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी जिसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों को सुनने के बाद कोई राहत नहीं देते हुए एक माह के भीतर सरेंडर करने को कहा है। इसके बाद उन्हें आगामी तीन नवंबर तक कोर्ट में सरेंडर करना होगा जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। ध्यान रहे कि दुबे के आवास पर सीबीआई छापे के दौरान 51 लाख रुपये नगद बरामद किए गये थे।

दो जिलों के थे डीएम

दरअसल बलरामपुर व मैनपुरी के डीएम रहे आईएएस सच्चिदानंद दुबे के आवास पर सीबीआई ने छापा मारकर 51 लाख रुपये नगद बरामद किए थे। यह रकम उनके घर में अलमारियों में रखे अलग-अलग लिफाफों में मिली थी जो कि बतौर रिश्वत उन्होंने ली थी। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें जेल भेज दिया था। वहीं दूसरी ओर घोटाले की पड़ताल जारी रही। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि बलरामपुर में दुबे ने वर्ष 2007 से 2009 के बीच डीएम रहने के दौरान मनरेगा के लिए बजट को उन्होंने स्टेशनरी की खरीद, प्रचार-प्रसार और जनरेटर खरीद में खर्च कर दिया। इसकी केंद्रीय एजेंसी से खरीदारी के बजाय एनजीओ से सप्लाई ले ली गयी जिसमें करोड़ों रुपये का गोलमाल हुआ। सीबीआई बलरामपुर में हुए घोटाले के चार मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है जबकि आधा दर्जन मामलों की जांच जारी है।
मैनपुरी में भी घोटाला
इसी तरह दुबे के वर्ष 2008 से 2011 के बीच मैनपुरी के डीएम रहने के दौरान मिड डे मील घोटाले में संलिप्त होने के आरोप हैं। इसमें तत्कालीन सीडीओ जेबी सिंह व हृदय शंकर चतुर्वेदी के अलावा पूर्व बीएसए केडीएन राम समेत सप्लाई करने वाली फर्म सर्च के तमाम लोगों को सीबीआई ने आरोपी बनाया था। दरअसल सीबीआई ने इसी मामले में दुबे के आवास पर छापेमारी की थी जिसमें 51 लाख रुपये नगद बरामद किए गये थे।
ईडी ने भी दर्ज किया था केस
ध्यान रहे कि इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने भी मनरेगा घोटाले में आठ केस दर्ज किए थे जिसमें सच्चिदानंद दुबे को तलब कर पूछताछ भी की गयी थी। ईडी अभी मनरेगा घोटाले के मामलों की जांच कर रही है और तमाम आरोपित अफसरों की संपत्तियों की पड़ताल जारी है। जिस रफ्तार से सीबीआई मनरेगा घोटाले में चार्जशीट दाखिल कर रही है, ईडी भी आरोपितों की संपत्तियों को अटैच करने की तैयारी में है।
फैक्ट
- 21 फरवरी 2014 को हाईकोर्ट ने सीबीआई को मनरेगा घोटाले की जांच सौंपी
- 07 जिलों में हुए घोटाले की सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की
- 50 से ज्यादा आईएएस, पीसीएस व सरकारी कर्मचारी हैं जांच के दायरे में
- 21 जुलाई 2014 को सच्चिदानंद दुबे के आवास पर सीबीआई ने मारा छापा
- 51 लाख रुपये अलमारियों में रखे अलग-अलग लिफाफों से हुए थे बरामद
- 04 बलरामपुर के मामलों में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट, आधा दर्जन बाकी
इन जिलों की जांच जारी
बलरामपुर, गोण्डा, महोबा, सोनभद्र, मिर्जापुर, संतकबीरनगर, कुशीनगर।

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