पूर्व विधायक समेत तीन भेजे गये जेल

2019-04-09T09:17:31+05:30

स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में हाजिर हुए थे तीनो कोर्ट ने जमानत की नामंजूर

prayagraj@inext.co.in
PRAYAGRAJ: पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, सह अभियुक्त हरेराम चौधरी व अमेरिका यादव को सोमवार को एमपी/एमएलए कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया गया। जाम लगाकर बवाल करने के आरोपित पूर्व विधायक समेत तीनो फरार चल रहे थे। सोमवार को आरोपितों ने विशेष कोर्ट एमपी एमएलए में सरेंडर किया।

2004 में जारी हुआ था गिरफ्तारी वारंट
मामला एक अगस्त 2003 का है। देविरया के बरहज क्षेत्र से विधायक रहे स्वामीनाथ यादव व अन्य के खिलाफ बरहज थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान रास्ता जाम कर हंगामा किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोपित 29 सितंबर 2004 से फरार चल रहे थे। सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इसी मामले में सोमवार को पूर्व विधायक व अन्य ने सरेंडर कर वारंट निरस्त करने की अर्जी दी। विशेष न्यायाधीश ने वारंट निरस्तीकरण की अर्जी खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया।

पूर्व सांसद को गिरफ्तार करने का आदेश
कोर्ट में सुनवाई तिथि पर हाजिर न होने व हाजिरी माफी की अर्जी न होने पर विशेष कोर्ट एमपी,एमएलए विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने पूर्व सांसद विनय पाण्डेय को गिरफ्तार करने व कुर्की नोटिस चस्पा करने का आदेश दिया है। जनपद बलरामपुर के थाना कोतवाली वादी अरुण कुमार पाण्डेय ने नवम्बर 2013 में रपट दर्ज करायी थी कि अभियुक्त ने टाटा सफारी किराए पर लिया था। किराया मांगने पर नहीं दिया। इसी कोर्ट ने धोखाधड़ी के आरोप में पूर्व बसपा विधायक धीरेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धीरू के विरुद्ध वारंट जारी किया है। मुकदमे हाजिर नहीं हुए और कोई अर्जी नहीं होने की स्थिति में कोर्ट ने उक्त आदेश दिया।

बसपा विधायक की गिरफ्तारी का आदेश
बदायूं जिले के बसपा विधायक योगेन्द्र सागर को दुष्कर्म के मुकदमे में गिरफ्तार कर कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन का आदेश दिया है। बदांयू में रहने वाली पीडि़ता के पिता ने 23 अप्रैल 08 को पुलिस को सूचना दिया कि उसकी पुत्री कालेज गई थी। फिर घर नहीं लौटी। बाद में उसे पता लगा कि दो लोग उसकी पुत्री को कार में ले गए थे। पुलिस अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। पीडि़ता की बरामदगी 17 मई 08 को हुई। पुलिस मामले की लीपापोती करने में जुट गई। पीडि़ता के पिता ने अधिकारियों से सम्पर्क किया। कोई सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने अभियुक्तों को गिरफ्तार करने और कोर्ट में पेश करने का आदेश पारित किया।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.