अखिलेश यादव के करीबी फ्रैंक हुजूर हुए मजबूर खाली ही करना पड़ा सरकारी बंगला

2019-06-09T11:26:24+05:30

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले फ्रैंक हुजूर उर्फ सोमेश यादव को आखिरकार मजबूरन सरकारी बंगला खाली करना ही पड़ा।

- सपा सरकार में आवंटित बंगले को कई नोटिस के बावजूद नहीं कर रहे थे खाली
- राज्य संपत्ति विभाग की टीम और पुलिस फोर्स के सामने मोहलत देने की करने लगे मिन्नतें

 
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LUCKNOW : सपा सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले फ्रैंक हुजूर उर्फ सोमेश यादव को आखिरकार मजबूरन सरकारी बंगला खाली करना ही पड़ा। लंबे समय से राज्य संपत्ति विभाग की नोटिसों को नजरंदाज कर रहे हुजूर राजधानी की पॉश दिलकुशा कॉलोनी के बी-5 बंगले में 47 बिल्लियों के साथ रहते थे। नोटिस देकर थक चुके राज्य संपत्ति विभाग की टीम ने शनिवार को पुलिस फोर्स के साथ जबरन उनका बंगला खाली कराया। हालांकि, अब तक नोटिसों को ठेंगे पर रख रहे फै्रंक हुजूर कोई चारा न देख अधिकारियों से एक सप्ताह की मोहलत देने की मिन्नतें करते रहे लेकिन, किसी ने भी उनकी एक न सुनी।

बतौर सीएम सलाहकार आवंटित था बंगला

सपा शासनकाल में राज्य संपत्ति विभाग ने फ्रैंक हुजूर उर्फ सोमेश यादव को बतौर सीएम सलाहकार दिलकुशा कॉलोनी में टाइप-5 श्रेणी का बी-5 बंगला आवंटित किया था। जहां वे अपने परिवार व 47 बिल्लियों के साथ रहते थे। सपा शासनकाल में बेहद रसूखदार हुजूर की धमक सरकार बदलते ही काफूर हो गई। राज्य संपत्ति विभाग ने हुजूर को बंगला खाली करने के लिये तीन नोटिसें भेजीं। पर, वह हर बार इन नोटिसों को नजरंदाज करते रहे। यह हालत तब थी जब विभाग प्रदेश के छह पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनके बंगले खाली कराने में सफल रहा था। लेकिन, हुजूर के मामले में उसे लगातार नाकामी हाथ लग रही थी।

करनी पड़ी सख्ती

तीन नोटिस के बावजूद बंगला न खाली करने पर अड़े फ्रैंक हुजूर से बंगला खाली कराने के लिये विशेष सचिव व राज्य संपत्ति अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने बंगला खाली कराने का आदेश जारी करते हुए डीएम कौशल राज शर्मा को मजिस्ट्रेट व फोर्स उपलब्ध कराने के लिये पत्र लिखा था। इसके साथ ही विभाग की ओर से सहायक राज्य संपत्ति अधिकारी सुधीर कुमार रूंगटा को इस कार्रवाई के लिये अधिकृत किया गया था। शनिवार को डीएम द्वारा निर्देशित मजिस्ट्रेट व सीओ कैंट के नेतृत्व में पुलिस टीम बंगला खाली कराने पहुंची। टीम के पहुंचने की जानकारी मिलने पर फ्रैंक हुजूर आनन-फानन बंगले पर पहुंचे और अधिकारियों को पत्नी व बच्चों के बाहर होने का हवाला देते हुए एक सप्ताह की मोहलत देने की गुजारिश की। पर, उनकी यह गुजारिश अधिकारियों ने अनसुनी कर दी।
अखिलेश की लिखी थी बायोग्राफी
खुद को समाजवादी चिंतक बताने वाले सोमेश यादव बिहार के मूल निवासी हैं। यूपी में शिफ्ट होने पर उन्होंने अपना नाम फ्रैंक हुजूर रख लिया, उनका यह नाम काफी मशहूर भी हो गया। हुजूर को बिल्लियों से इतना अधिक लगाव है कि उन्होंने अपने बंगले में 47 बिल्लियां पाल रखी थीं। वे खुद को अखिलेश यादव का रिश्तेदार भी बताते थे। वे अपना पूरा नाम फ्रैंक हुजूर यादव लिखते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव और पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री इमरान खान की बायोग्राफी भी लिखी है।
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ट्वीट कर जताया विरोध
बंगले से बेदखल किये जाने के बाद फ्रैंक हुजूर ने ट्वीट कर इस कार्रवाई का विरोध जताया। उन्होंने लिखा 'मेरी समाजवादी नीतियों के चलते पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर सरकार के फासीवादी-जातिवादी गुंडों ने मेरा घर तबाह कर दिया और मेरे परिवार व 47 बिल्लियों को बाहर कर दिया। मैं फासीवादी बाजीगरी का विरोध जारी रखूंगा।



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