गरीबों कैंसर पीडि़तों को लगेगा निशुल्क इंप्लांट

2018-07-24T06:00:27+05:30

- केजीएमयू के डेंटल की ओर से कार्टिकल इंप्लांटोलॉजी की तीसरी कांफ्रेंस का आयोजन

LUCKNOW:

केजीएमयू में कैंसर पीडि़तों और गरीब मरीजों को दांतों के इंप्लांट फ्री लगाए जाएंगे। सोमवार को केजीएमयू के ओरल मैग्जिलोफेसियल विभाग और प्रास्थोडांटिक्स विभाग की ओर से आयोजित कांफ्रेंस में वीसी प्रो। एमएलबी भट्ट ने कैंसर मरीजों के फ्री इलाज में इंप्लांट को शामिल करने का आश्वासन दिया।

डॉक्टर्स को दें ट्रेनिंग

कार्टिकल इंप्लांटोलॉजी पर आयोजित तीसरी इंटरनेशनल कांफ्रेंस में चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में तैनात दंत चिकित्सकों को इंप्लांट लगाने के लिए एक हफ्ते की ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव केजीएमयू डॉक्टर्स को दिया। उन्होंने कहा कि इस ट्रेनिंग के दौरान सभी जरूरतमंद मरीजों को फ्री डेंटल इंप्लांट की सुविधा दी जाए।

फूड हैबिट बदलने से खराब हो रहे दांत : डॉ। यूएस पाल

केजीएमयू के प्रो। यूएस पाल ने बताया कि पिछले कुछ दशकों में खाने का पैटर्न बदला है। पहले हार्ड फूड होता था, लोग गाजर मूली, सलाद, गन्ना, जैसी कड़ी चीजें भी खाते थे। लेकिन अब ये सब गायब हैं। बच्चे व बड़े भी पिज्जा, चाउमीन, बर्गर जैसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं। डायबिटीज जैसी महामारी भी है जिससे दांतों की हड्डियों पर बुरा असर पड़ रहा है। ठीक से ब्रश करने से इससे बचा जा सकता है।

दांत निकलने पर 26 प्रकार की समस्याएं: डॉ। लक्ष्य

एक दांत निकलने से करीब 26 प्रकार की समस्याएं होती हैं। जिसमें मुंह न खुलना, आस-पास के दांतों में कीड़े लगना, सड़न आदि प्रमुख हैं। इसलिए जल्दी दांतों को लगवा लें। उन्होंने बताया कि अब बेसल इंप्लांट उपलब्ध है। केजीएमयू में यह करीब चार हजार का ही है और इसे लगवाने के लिए डॉक्टर के पास बार बार नहीं जाना पड़ता है। इसमें एक ही दिन में इंप्लांट लगाने के बाद दांत भी लग जाता है। यह सस्ता और बेहतर है। कैंसर और कमजोर हड्डी वाले मरीजों में यह आसानी से लग जाता है।

कारण न पता हो तो डेंटिस्ट को दिखाएं: डॉ। मयंक

केजीएमयू के डॉ। मयंक सिंह ने बताया कि जबड़े, दांतों, या सिर में दर्द का कारण न पता न चले तो डेंटिस्ट को दिखाएं। यह मायो फेसियल पेन होता है। जो दांत निकलने, दांतों में कीड़े लगने, दांत की नसे खुलने, पायरिया के कारण यह दर्द हो सकता है। कई बार बीमारी का कारण पकड़ में नहीं आता तो दर्द नहीं जाता है। जबड़े में झनझनाहट, भारीपन, स्ट्रेस, जबड़े से आवाज आना जैसी समस्याएं होती हैं। इसके लिए हार्ड एक्रोलिक मटेरियल प्रयोग करके एक प्लेट बनाई है। जिससे मरीजों में यह दर्द दूर हो जाता है। यह इतनी पतली है कि इसे दिन और रात दोनों में पहना जा सकता है। कैंसर सहित अन्य समस्याओं के मरीजों के लिए यह बहुत लाभदायक है।

inextlive from Lucknow News Desk


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