सीईटीपी होने के बाद भी गंगा में गिर रहा टेनरी वेस्ट

2019-04-05T11:41:27+05:30

गंगा की सफाई को लेकर किए गए वादे अब झूठे साबित हो रहे हैं। कानुपर में एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष रि जज अरुण टंडन ने सीईटीपी में कई कमियां पाई हैं।

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KANPUR : दो दिवसीय दौरे पर कानपुर आए एनजीटी की मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष रि। जज अरुण टंडन ने सीईटीपी के रखरखाव में भारी कमियां पाईं। इस पर उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि सीईटीपी लगाने का कोई फायदा गंगा को नहीं मिल रहा है। उन्होंने इंडिस्ट्रयल एरिया, रूमा के प्लांट में कई गड़बडिय़ां देख नाराजगी जताई। इससे पहले टीम ने मंधना और भीमसेन पनकी में बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को देखा। यहां भी कमियों को देखकर संस्था को नोटिस देने के निर्देश दिए। थर्सडे को महाराजपुर रूमा स्थित इंडस्ट्रियल एरिया का भी टीम ने निरीक्षण किया।
रिएक्शन टैंक में गंदा पानी
रि। जज अरुण टंडन और सीपीसीबी की सांइटिस्ट अनीता राय ने रूमा इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पाया कि सीईटीपी से जुड़ी 13 इकाईयां हैं और इनका ड्रेनेज सिस्टम सीईटीपी से ही जुड़ा हुआ है। टीम ने ड्रेनेज सिस्टम और रिएक्शन टैंक में गंदा पानी देख कड़ी नाराजगी जताई। टैंक के संचालन में लगे 4 एजिटेटर में एक बंद मिला। मौजूद कर्मचारियों ने इसे 20 दिन से बंद होना बताया। रिएक्शन टैंक में पानी की स्थिति देखकर टीम की साइंटिस्ट अनीता राय ने उद्यमियों से कहा कि इंडस्ट्री में कोई न कोई आर्गेनिक डाई का प्रयोग किया जा रहा है। टीम ने ऑनलाइन सिस्टम की रीडिंग भी नोट की।
मेडिकल वेस्ट निस्तारण में भी लापरवाही
बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए लगाई गई प्राइवेट कंपनी बिल्वर्ड का भी टीम ने निरीक्षण किया। मंधना में लगी इस यूनिट में कोई रिकॉर्ड मौके पर नहीं मिला। इसके अलावा पनकी में एमपीसीसी कंपनी द्वारा वेस्ट के निस्तारण में धुआं सही से हवा में नहीं जा रहा था, इसे ठीक करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम, यूपीएसआईडीसी के अलावा इंडस्ट्रियलिस्ट भी मौजूद रहे।


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