गौरी ने गोद में बंद की अपनी सांस

2018-09-11T06:00:15+05:30

- बंद समर्थकों ने ऑटो को नहीं दिया रास्ता, प्रशासन का इनकार

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छ्वश्व॥न्हृन्क्चन्ष्ठ/क्कन्ञ्जहृन्: सोमवार को बंद करने वालों को दो वर्षीय मासूम गौरी पर भी दया नहीं आई। इलाज के लिए समय पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही गौरी ने पिता की गोद में दम तोड़ दिया। पुत्री गौरी की मौत के बाद गया जिले के मेन थाना क्षेत्र के बाला विगहा निवासी प्रमोद मांझी का यह करुण क्रंदन देख लोगों की आंखें भर आई। वह रोते हुए यही कह रहा था कि बंद समर्थकों ने नहीं रोका होता तो वह 15 मिनट पहले अस्पताल पहुंच जाता और उसकी गौरी जिंदा होती। हालांकि बाद में प्रशासन के सामने उसने और चालक ने ऑटो रोके जाने से इनकार कर दिया। देर से अस्पताल लाए जाने के कारण बच्ची की मौत हुई। प्रमोद मांझी ने बताया कि बेटी गौरी और पड़ोस के इंदल मांझी का तीन साल का बेटा अमित को डायरिया हुआ था। सुबह में तबीयत बिगड़ गई। बंद के कारण उसे गाड़ी नहीं मिली। जब मिली तो देर हो चुकी थी।

बिहार में कांग्रेस को विपक्षी पार्टियों का मिला साथ

पेट्रोल- डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस, राजद और वामदल समेत अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा आहूत भारत बंद का भोजपुर समेत पूरे बिहार में असर दिखा। बंद समर्थकों ने मुख्य रूप से रेल और सड़क को निशाना बनाया। आरा, छपरा, जहानाबाद, हाजीपुर, बेगूसराय, बिहारशरीफ समेत अन्य जिलों में बंद का असर दिखा। आरा- पटना राजमार्ग को बस स्टैंड, कोईलवर, आरा- मोहनियां एनएच- 30 को जगदीशपुर के नयका टोला, आरा- बक्सर एनएच - 84 को शाहपुर पर यातायात ठप रहा।

बंद समर्थकों द्वारा उस ऑटो को कहीं रोका नहीं गया है। मृतका के पिता ने बंद समर्थकों द्वारा ऑटो रोके जाने से इनकार किया है.

- आलोक रंजन घोष, डीएम

inextlive from Patna News Desk


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